खन्ना (महोबा)। आल्हा सम्राट स्व. बच्चा सिंह के श्रद्धांजलि समारोह पर दो दिवसीय आल्हा महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें कई जनपदों से आए कलाकारों ने बुंदेली लोक कलाओं का जलवा बिखेरा। राई व दिवारी नृत्य की प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
संस्कृति मंत्रालय व संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से कबरई ब्लॉक के मवई खुर्द गांव में आल्हा सम्राट की पुण्यतिथि पर आयोजित आल्हा महोत्सव के पहले दिन की शुरुआत गायन से हुई। आल्हा गायक चरन सिंह तमौरा, हीरालाल साहू कबरई, उमाशंकर सेन कमलखेड़ा, यशवंत सिंह महोबा व दिलीप हमीरपुर ने वीर रस में आल्हा गायन की प्रस्तुतियां दी।
तेरह साल के आल्हा गायक अनुज सिंह ने नैनागढ़ की लड़ाई का वर्णन सुनाया। उन्होंने कीरत सर की कीर्ति विमल निर्भीक महोबा नगर रहे, वरदान यही गुरू गोरख का पृथ्वी पर आल्हा अमर रहे सुनाकर लोगों में जोश भरा।
इसके बाद परशुराम यादव व रामपाल सिंह मवई खुर्द की टीम ने दिवारी नृत्य की हैरत अंगैज प्रस्तुति दी। राई नृत्य कलाकार प्रदीप सिंह व आशाराम यादव छतरपुर ने राई नृत्य की प्रस्तुति से सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया।
इस मौके पर कार्यक्रम आयोजक ग्राम प्रधान विपिन सिंह, अध्यक्ष धरम सिंह, पुष्पेंद्र, केशव, बृजेंद्र सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।