सदर तहसील में प्रदर्शन करते हिंदू संगठन के कार्यकर्ता
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महोबा। कोतवाली क्षेत्र के प्रेमनगर स्थित मदरसा जामिया इस्लामिया दारुल उलूम से बच्चों के भागने के मामले व जिले में 13 मदरसा बिना मान्यता के संचालित मिलने पर हिंदू संगठन भड़क गए हैं। शनिवार को विश्व हिंदू परिषद, बजरंग, दल, दुर्गा वाहिनी व मातृ शक्ति के कार्यकर्ताओं ने तहसील में प्रदर्शन कर बिना मान्यता संचालित मदरसों को बंद कराने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मदरसों को आवंटित भूमि की भी जांच कराने की मांग उठाई।
विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष मनोज शिवहरे, जिलामंत्री मयंक तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी मोहम्मद अवेश को ज्ञापन सौंपा। जिसमें बताया कि जिले में संचालित अधिकांश मदरसे पूर्ण रूप से अवैध हैं। जिनका न तो पंजीयन हैं और न ही उन मदरसों में पढ़ रहे छात्रों का कोई रिकॉर्ड है। उन्होंने बिना मान्यता संचालित मदरसों को बंद कराने और मदरसों को आवंटित भूमि की जांच कराए जाने की मांग की। प्रदर्शन व ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमोद कुशवाहा, अनमोल द्विवेदी, अभिषेक सोनी, अरुण नगायच, राधे कुशवाहा, धीरेंद्र, दिलीप, युवराज शर्मा, शिवम सिंह कार्यकर्ता शामिल रहे।
यह था मामला
प्रेमनगर में संचालित मदरसा से छह सितंबर की देर रात तीन बच्चों पिटाई के चलते डरकर अपने घर बिहार जाने के लिए भाग गए थे। इस मामले में डीएम ने जांच के आदेश दिए थे। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हिमांशु अग्रवाल के नेेतृत्व में गठित टीम ने प्रेमनगर में संचालित मदरसे की जांच की। बिना मान्यता के मदरसा चलने पर अन्य मदरसों की जांच कराई गई। जिले में कुल 13 मदरसे बिना मान्यता के संचालित मिले। जिनके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखापढ़ी की गई।