संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जिले के युवाओं को अब खजूर का गुड़ बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। महोबा के खजूर के गुड़ को एक जनपद एक व्यंजन में शामिल किया गया है। इसको लेकर उद्योग विभाग की ओर से जल्द ही प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इससे युवा हुनरमंद बनकर स्वयं का काम शुरू कर सकेंगे।
एक जनपद एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना में चार व्यंजन शामिल किए गए हैं। इसमें महोबा का प्रसिद्ध देशावरी पान, खजूर का गुड़, दाल बाफना और तिलकुट (सरसो-तिल का लड्डू ) शामिल हैं।
इस योजना में शामिल व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। उद्योग विभाग की ओर से युवाओं को खजूर का गुड़ बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। गुणों से भरपूर खजूर के गुड़ की महानगरों में तेजी से मांग बढ़ी है। यह गुड़ कानपुर, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता व अन्य महानगरों में जाता है। सर्दी के मौसम में तीन माह चलने वाले इस कारोबार से लाखों की आमदनी होती है।
तहसील कुलपहाड़ के मंगरौल, सुगिरा, लोहारी, सतारी, बौरा आदि गांवों में खजूर के पेड़ भारी मात्रा में लगे हैं। यहां खासतौर पर खजूर का रस निकालकर गुड़ तैयार किया जाता है। इस गुड़ से तैयार मिठाई महानगरों में 800 से 900 रुपये किलो बिकती है। जबकि व्यापारी किसानों से यह गुड़ 90 रुपये से लेकर 150 रुपये तक में खरीदते हैं।
ऐसे में अब उद्योग विभाग की ओर से युवाओं को खजूर का गुड़ बनाने का प्रशिक्षण दिए जाने को लेकर कार्ययोजना तैयार की गई है। प्रशिक्षण हासिल करने वाले युवाओं को इसका लाभ मिलेगा और वह हुनरमंद बनेंगे।