महोबा/ पनवाड़ी। बारिश ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार बारिश से दलहनी और तिलहनी फसलों को नुकसान होगा।
कुलपहाड़ संवाद के अनुसार देर से बुआई करने वाले किसानों के लिए यह बारिश मुसीबत रही। मटर चना और लाही में अभी भी फूल आ रहे हैं, फूल झड़ने से नुकसान होगा। बम्हो के रामचरण, हरिमोहन, लाड़पुर के नरेश विक्रम सिंह राकेश रावतपुरा के हरनाम सिंह प्रताप सिंह ने बताया कि बारिश से अभी कम नुकसान हुआ है लेकिन यदि आगे भी मौसम खराब रहा तो फसल को ज्यादा नुकसान होगा। हालांकि मौसम विभाग ने 30 तारीख तक मौसम खराब रहने की चेतावनी दी है।
अजनर संवाद के अनुसार- कस्बा निवासी किसान अवध नरेश ने बताया कि उसके गेहूं का 10 बीघे का खेत पहले से पानी भरा है। जिससे फसल सड़ रही है। मुन्ना ने बताया कि डेढ़ बीघा जमीन है। खेत भर गया था पहले अब शुक्रवार की वर्षा से पूरी फसल खराब हो गई है।
क्या बोले किसान-
- हेवतपुरा निवासी लक्ष्मी सैनी का कहना है कि गेहूं, मटर, सरसों के सड़ने का डर है। पहले भी बहुत नुकसान हो चुका है। न ही राजस्व विभाग के द्वारा कोई सर्वे किया गया है, जबकि पांच दिन बारिश होने पर फसलों का आधे से ज्यादा नुकसान हुआ है।
- मनप्यारे कुशवाहा का कहना है कि शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश से खेत भर गए हैं, जिससे सड़ने का डर है। बलकट पर खेती ली है। खरीफ की फसल में कुछ नही मिला भरोसा था के अब फसल अच्छी होगी पर दूसरी बार फिर से बारिश होने नुकसान है।
-कुलपहाड़ के किसान रमेश पुजारी का कहना है कि पहली बारिश के कारण 25 फीसदी का नुकसान हो चुका है। अब फिर बारिश ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। यदि यही हाल रहा तो भारी नुकसान की आशंका है। उनके खेत की लाही गिर गई है। फूल झड़ने से उत्पादन कम हो जाएगा।
बारिश होने से तिलहनी और दलहनी फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान है, क्योकिं बारिश से पहले फसलों को नुकसान हुआ है, मौसम खुलने पर जो फूल लगे थे वह बारिश में झड़ जाएंगे जिससे उत्पादन प्रभावित होगा। रविवार को हल्की बारिश का अनुमान है। गलन बढ़ जाएगी । न्यूनतम तापमान 11 डिग्री और अधिकतम 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
मुकेश चंद, वरिष्ठ वैज्ञानिक केवीके बेलाताल