यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध में शेष बचा पानी।
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श्रीनगर (महोबा)। उर्मिल बांध का जलस्तर घटता जा रहा है। इसका असर शहर की पेयजल आपूर्ति पर पड़ सकता है। बांध में सिर्फ 90 सेंटीमीटर पानी ही बचा हुआ है। पेयजल के लिए प्रतिदिन जल निगम द्वारा दो सेंटीमीटर पानी लिया जा रहा है। इस लिहाज से मात्र 45 दिन का पानी ही बांध में शेष है।
उर्मिल बांध पेयजल योजना से महोबा शहर, सिजहरी व श्रीनगर को पेयजल आपूर्ति की जाती है। बीते कई वर्षों से बांध के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश न होने से बांध में पूरी क्षमता 236.50 मीटर पानी नहीं भर पाया है। इससे उर्मिल बांध से किसानों को फसल सिंचाई के लिए पानी नहीं मिला। बांध का पानी पेयजल के लिए सुरक्षित कर लिया गया। बांध में 229 .90 मीटर पानी शेष रह गया है जोकि डेड लेवल से 90 सेंटीमीटर है। पेयजल के लिए जल निगम प्रतिदिन दो सेंटीमीटर पानी लेता है। इससे बांध का जलस्तर घट रहा है। यदि समय पर बारिश नहीं हुई तो शहर में पेयजल संकट पैदा हो सकता है। बांध के फाटकों से पानी 20 मीटर दूर पहुंच चुका है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता शिवम का कहना है कि बांध में सिर्फ 45 दिन का पानी बचा है।