रिश्वत लेते जिला उद्यान अधिकारी हुआ गिरफ्तार
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यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रही है। पांच वर्ष के अंदर जिले में 11 अधिकारी रिश्वत लेते पकड़े जा चुके हैैं। यूटा के प्रदेश संयोजक विक्रांत ने बताया कि जिले का 11वां भ्रष्ट अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ है। अभी 12 से अधिक भ्रष्ट अधिकारी पूरे बुंदेलखंड में यूटा के रडार पर हैं। जिनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
जिले में सबसे पहले 10 अगस्त 2016 को विजिलेंस टीम लखनऊ ने तत्कालीन बीएसए रामेश्वर प्रसाद को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इसके बाद चार अगस्त 2017 को एंटी करप्शन टीम झांसी ने विनिमय क्षेत्र के जेई घसीटा सिंह को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा।
29 अगस्त 2017 को एंटी करप्शन झांसी ने सीएमओ कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक प्रदीप कोफर्ड को 15 हजार, चार मार्च 2018 को सहायक उद्यान अधिकारी श्रीनारायण दोहरे को 12 हजार, 27 जून 2018 को ड्रग इंस्पेक्टर रमेशलाल गुप्ता को 45 हजार व 19 सितंबर 2018 को लेखपाल अखिलेश को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था।
20 सितंबर 2018 को आबकारी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर अरविंद सोनकर को विजिलेंस टीम लखनऊ ने 10 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा था। फरवरी 2019 में एंटी करप्शन लखनऊ ने पीडब्ल्यूडी विभाग के लिपिक विष्णु सोनी को दस हजार, एंटी करप्शन टीम झांसी ने अप्रैल 2019 में आरईएस के जेई लाखन सिंह को दस हजार व जून 2019 में विद्युत विभाग के टीजी-2 अधिकारी श्यामजीत दस हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए थे। 17 अगस्त 2021 को विजिलेंस टीम झांसी ने जिला उद्यान अधिकारी श्याम सिंह को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।