पनवाड़ी (महोबा)। बुंदेलखंड की बेटी कात्यायिनी रिछारिया को बोस्टन अमेरिका के द फ्लेचर्स स्कूल आफ ला एंड डिप्लोमेसी से इंटरनेशनल रिलेशन से पोस्ट ग्रेजुएट करने का मौका मिला है।
पनवाड़ी ब्लॉक के छोटे से गांव महुआ निवासी रघुवीर रिछारिया की बेटी अमेरिका में आतंक विषय पर शोध करेंगी। इसको लेकर उनके गांव महुआ में उत्साह है। कात्यायिनी संयुक्त राष्ट्र संघ में काम करने को लेकर इच्छुक हैं। वह भारत को महाशक्ति के रुप में देखना चाहतीं हैं। उनका शुरुआती बचपन मुंबई में बीता इसके बाद वह सात साल की उम्र में दिल्ली आ गईं। उन्होंने दिल्ली विश्व विद्यालय से स्नातक किया। अब उन्हें बोस्टन अमेरिका के द फ्लेचर्स स्कूल आफ ला एंड डिप्लोमेसी से इंटरनेशनल रिलेशन से पोस्ट ग्रेजुएट करने का मौका मिला है।
कैसे आया आतंक पर शोध करने का विचार
कात्यायिनी कहतीं है कि जब वह छह साल की थी तो सन 2006 में मुंबई की लोकल ट्रेन में धमाका हुआ जहां से उसके पिता रोजाना आफिस जाते थे। इस घटना के बाद उसका दिल दहल गया और उसके बारे मे सोचती रहती और उसने ठाना कि आतंकवाद की घटनाओं क्यों होती इसके कारणों का पता लगाएंगी।