फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखगिरि को है सीएम के आगमन का इंतजार

विज्ञापन
ऐतिहासिक गोरखगिरि स्थल - फोटो : MAHOBA
विज्ञापन
महोबा। गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि गोरखगिरि को सीएम योगी आदित्यनाथ के आगमन का बेसब्री से इंतजार है। मुख्यमंत्री के 10 अगस्त के दौरे को लेकर महोबा के लोग उत्साहित हैं। योगी ने बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर से चार साल पहले लखनऊ में मुलाकात के दौरान गोरखगिरि आने का न केवल वादा किया था बल्कि गोरखगिरि को आदर्श पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की सार्वजनिक रूप से घोषणा भी की थी।
विज्ञापन

नाथ संप्रदाय के प्रणेता गुरु गोरखनाथ 12वीं शताब्दी में कई साल तक महोबा के गोरखगिरि में निवास किया था। इसी कारण उनके नाम पर पहाड़ का नाम गोरखगिरि पड़ा। बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर बताते हैं कि गुरु गोरखनाथ का महोबा से गहरा नाता रहा है। उनसे प्रभावित होकर वीर आल्हा ने नाथ संप्रदाय की दीक्षा ली थी। इतना ही नहीं 1182 में हुए युद्ध के अंतिम समय में गुरु गोरखनाथ के कहने पर ही वीर आल्हा ने दिल्ली नरेश पृथ्वीराज चौहान को प्राणदान दिया था और संन्यास लेकर उनके साथ ही हिमालय के कजरी वन चले गए थे।
बताया कि योगी सरकार बनने के बाद 23 मई 2017 को वे मुख्यमंत्री से लखनऊ में उनके आवास पर मिले थे एवं यहां की समस्याओं पर चर्चा की थी। उन्होंने जल्द ही गोरखगिरि आने का वादा किया था, लेकिन वे अब तक गोरखगिरि नहीं आए। सीएम का हेलीकॉप्टर गोरखगिरि के नीचे पुलिस लाइन मैदान में उतरना है। हमें उम्मीद है कि वे इस बार गोरखगिरि के ऊपर स्थित उस सिद्ध बाबा मंदिर जरूर आएंगे जहां गुरु गोरखनाथ रहते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें