महोबा। बुंदेली समाज के संयोजक ने रविवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सदर विधायक को सौंपा है। जिसमें आल्हा-ऊदल की जन्मस्थली दिसरापुर को आदर्श ग्राम घोषित करने व उनकी 52 लड़ाइयों का सजीव चित्रण कराने के साथ आल्हा गैलरी बनवाने की मांग की है।
बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने सदर विधायक राकेश गोस्वामी को सौंपे ज्ञापन में बताया कि आल्हा-ऊदल जिले की शान हैं लेकिन उनके गौरवशाली अतीत को संजोने के लिए अब तक कोई सार्थक पहल नहीं हुई। धीरे-धीरे उनकी सभी निशानियां नष्ट होती जा रही हैं। महोबा से चंद किलोमीटर दूर स्थित दिसरापुर उनकी जन्म स्थली है लेकिन वहां अब कोई भी अवशेष नहीं बचा है। महोबा में आल्हा की बैठक, आल्हा की गिल्ली, इंदल की बैठक, परमाल का किला, मनिया देव, मदन सागर, खखरामठ व कीरत सागर जैसी निशानियां आज भी मौजूद हैं। उन्होंने दिसरापुर गांव में भव्य प्रवेश द्वार बनाने, आदर्श ग्राम घोषित करने और आल्हा गैलरी बनवाने की मांग की है।