महोबा। लखनऊ में मांगाें को लेकर आंदोलन कर रहे प्राइवेट चिकित्सकाें पर हुए लाठीचार्ज के विरोध का असर जिले में भी दिखा। पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए यहां के डाक्टराें ने अस्पताल बंद कर विरोध जताया जिसके चलते सोमवार को सारा दिन मरीज चिकित्सीय सुविधाएं पाने के लिए इधर उधर भटकते रहे। बाद में मजबूरन सरकारी अस्पतालाें में उपचार कराना पड़ा।
प्राइवेट डाक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. ज्ञानेश अवस्थी के नेतृत्व में चिकित्सकाें ने लखनऊ में चिकित्सकाें पर हुए लाठीचार्ज का खुला विरोध किया। समस्याआें को लेकर मांग उठा रहे चिकित्सकाें के प्रति सरकार के दमनकारी नीति का परिणाम बताते हुए डाक्टराें ने अपने अस्पताल बंद कर विरोध जताया। मुख्यालय से लेकर तहसील स्तर में चिकित्सा कार्य करने वाले प्राइवेट डाक्टरों से कार्य बंद कर आंदोलन में कूदने का आह्वान किया। मुख्यालय में सोमवार को लखनऊ में चिकित्सकाें पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज के विरोध में एक बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में डा. अवस्थी ने कहा कि एनआईएमए के आह्वान पर उठाई गईं मांगाें को पूरा करने के बदले प्रदेश सरकार के इशारे पर यह कार्रवाई हुई है जिसकी सामूहिक रूप से घोर निंदा की गई। मामले पर दोषियाें के विरुद्ध कार्रवाई न करने पर प्राइवेट अस्पताल बंद कर आंदोलन में उतरने की रणनीति बनाई गई। बैठक में डा. विनय, डा. निजाम, डा. फारुख अहमद, डा. अब्दुल अहमद, डा. रहमानिया, डा. नफीस, डा. देवेंद्र पुरवार, डा. रिजवान, डा. बुधौलिया, डा. हिमांशु तिवारी समेत तमाम चिकित्सक मौजूद रहे।