बागापार। जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब किसी न किसी रुप में प्रभु का जन्म होता है। सनातन धर्म व संस्कृति से अच्छा कुछ भी नहीं। लोगों में सद्भावना होनी चाहिए और ईश्वर के प्रति आस्था बनाए रखें। यह बातें प्राचीन शिव मंदिर कटहरा में आयोजित श्री श्री रुद्र महा मृत्युंजय महायज्ञ में प्रवचनकर्ता पंडित रवींद्र पांडेय ने प्रवचन के दौरान श्रोताओं को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने बताया कि जब धरती पर धर्म की हानि और अधर्म बढ़ने लगता है तब प्रभु किसी न किसी रुप में धरती पर अवतार लेते हैं। कंश का अत्याचार मां देवकी व पिता वासुदेव पर बढ़ा तो श्रीकृष्ण ने अवतार लिया। अवतार होते ही जेल की ताले खुल गए थे और वासुदेव स्वयं यमुना नदी को पार कर गोकुल नगरी में यशोदा के घर छोड़ आए थे। गोकुल में ही भगवान श्रीकृष्ण ने हजारों राक्षसों का सर्वनाश किया। इसके बाद समय होने पर कंश का भी वध किया था। इस मौके पर संरक्षक मिथिलेश सिंह, अध्यक्ष सोमनाथ सिंह, ग्राम प्रधान कमलेश सिंह, जितेंद्र यादव, महेंद्र साहनी, प्रमोद चौहान आदि उपस्थित रहे।