निचलौल। एक मोहल्ले से बृहस्पतिवार को मामा-भांजी ने प्रेम प्रसंग में जहर खा लिया। कुछ देर बाद दोनों की हालत बिगड़ता देख परिजनों ने आनन-फानन में दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल में भर्ती कराया। जहां पर डॉक्टरों के काफी प्रयास करने के बाद भी दोनों की हालत में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मामले में मां ने पुलिस को तहरीर दी है।
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के सामने गैलेरी में स्ट्रेचर पर लेटे मामा और भांजी का इलाज चल रहा था। घटना की सूचना पाकर इसी बीच अस्पताल में एक पुलिस कर्मी भी आ पहुंचे। जहां पर उक्त पुलिसकर्मी के काफी प्रयास के बाद मामा किसी तरह थोड़ा होश में आया। उसने हाथ जोड़कर बिलखते हुए कहा कि उन्हें और भांजी को बचा लीजिए। पुलिस कर्मी के पूछताछ में मामा ने आगे बताया कि उसका भांजी से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक साथ जीना और मरना चाह रहे थे, इसलिए वह एक दुकान से घास सुखाने वाला जहर खरीद घर लाया। भांजी को खिलाने के बाद उसे खुद भी खा लिया। उसके बाद पुलिसकर्मी ने मामले की सच्चाई जानने के लिए भांजी के पास पहुंच पूछताछ की।
भांजी ने बताया कि मामा ने पानी में कुछ घोल दिया था, जो सफेद हो चुकी थी। मामा ने चाउमीन के साथ उसे पीला दिया। कुछ देर बाद पेट में अचानक तेज दर्द होने लगी। वहीं घटना की सूचना पाकर ससुराल से अस्पताल पहुंची भांजी की मां ने बताया कि बेटी का उम्र करीब 15 है। बेटी का लगभग 15 दिनों पहले तबीयत खराब हुई थी। इलाज कराने के लिए नेपाल राष्ट्र के अपने गांव से मायके आई थी। थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव कन्नौजिया ने तहरीर मिलने की पुष्टि की।