महराजगंज जिले के ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के जमुई कला गांव में चार अगस्त को गोदाम में बरामद हुई प्रतिबंधित नशीली दवाओं ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। मुख्य आरोपी गोविंद गुप्ता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस हाथ-पांव मार रही है, लेकिन वह कहां है, इसका पता नहीं लगा पा रही है। उधर, औषधि निरीक्षक ने दवाओं के 24 नमूेा जांच के लिए लैब भेजा है।
मुख्य आरोपी के गडौरा स्थित मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया है। जांच में पता चला है कि 686 करोड़ की दवा जहां बरामद हुई, वहां के लिए विभाग ने लाइसेंस जारी नहीं किया है। सूत्र बताते हैं कि करीब तीन माह पहले लक्ष्मीपुर के भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल दवा ले जाने के दौरान एक युवक पकड़ा गया था। पुलिस ने पूछताछ कर उससे अहम जानकारी हासिल की थी। पुलिस टीम प्रत्येक हलचल पर नजर रख रही थी। पुख्ता होने के बाद टीम बनाकर छापा डाला गया तो हकीकत सामने आ गई।
सूत्रें के मुताबिक, प्रतिबंधित नशीली दवाओं के धंधे से गोविंद गुप्ता की माली हालत काफी अच्छी हो गई है। इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्र में तमाम ऐसे बिना लाइसेंसी धंधेबाज हैं, जो छोटे पैमाने पर प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी में जुटे हैं। नेपाल में भी प्रतिबंधित नशीली दवाओं के बरामद होने के बाद पूछताछ में जो तथ्य सामने आते हैं, उससे पता चलता है कि सीमावर्ती क्षेत्र से नशीले इंजेक्शन एवं दवाएं पहुंचाई जाती हैं।
औषधि निरीक्षक शिव कुमार नायक ने बताया कि समय-समय पर जांच पड़ताल की जाती है। बरामदगी के बाद दवाओं के 25 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। मुख्य आरोपित की दवा की दुकान को सील कर दिया गया है। जहां दवाएं बरामद हुई, वहां का लाइसेंस नहीं था।