महराजगंज। गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग कैंपियरगंज के पास 500 मीटर अधूरा है। इसमें वन विभाग ने पेच फंसा दिया है। इस वजह से यहां काम नहीं हो पा रहा है।
बरसात के समय यहां समस्या होगी। इस रूट पर 19 स्थान पर ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है। ज्यादातर जगहों पर आधा काम हो चुका है। कैंपियरगंज जटायु संरक्षण केंद्र के पास करीब 500 मीटर सड़क पूरी होने में नियम कानून का पेच है।
इतनी दूरी तक सड़क टू लेन बनी है। समस्या यह हो रही है कि वन विभाग की जमीन में सड़क के किनारे 51 पेड़ हैं। यह पेड कटे बगैर निर्माण शुरू नहीं हो सकता है। एनएचआईए को नियम पूरा करने में समस्या हो रही है। वन विभाग ने कार्यदायी संस्था पर जुर्माना लगाया है। इसे जमा करने के बाद ही निर्माण शुरू हाे सकेगा।
एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, दिसंबर 2024 में ही वन विभाग के अधिकारियों से जमीन देने के मामले में चर्चा हुई थी। गोरखपुर-सोनौली हाईवे निर्माण में तेजी से कार्य किया जा रहा है, क्योंकि मार्च 2025 तक ही कार्य पूरा करने का निर्देश मिला था, यह पूरा हो चुका है। कैंपियरगंज के साथ ही कई अन्य स्थानों पर सड़क निर्माण में पेच फंसा हुआ है।
उधर, महराजगंज के ललाइन पैसिया में अंडरपास का कार्य अटका है। मुआवजा दे दिया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों ने व्यावसायिक दर से मुआवजा की मांग की। मुआवजा का मामला न्यायालय में लंबित है, जिसमें न्यायालय के निर्णय के अनुसार भुगतान के आश्वासन के बावजूद कार्य रोका जा रहा है।
वन विभाग ने पुराने मामले को लेकर पेच फंसा दिया है। इसको लेकर निर्माण कार्य बंद है। कुछ दूरी तक तो सड़क के किनारे कार्यदायी संस्था पीएनसी ने नाली का निर्माण करके अधूरा छोड़ दिया है। सड़क अधूरा होने के कारण कुछ दूरी पर डायवर्जन का बोर्ड लगा दिया गया है। जहां से फोरलेन सड़क की शुरुआत हो जाती है।