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Maharajganj News: पूरी रात काॅम्बिंग करती रही टीम, नहीं मिला तेंदुआ

Sun, 23 Mar 2025 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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निचलौल। भारत-नेपाल बाॅर्डर से सटे कनमिसवा गांव में गेहूं के खेत में छिपे तेंदुए ने शुक्रवार की सुबह चार लोगों पर हमला कर घायल कर दिया था। सूचना पाकर मौके पर पहुंची वन विभाग और वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की संयुक्त टीम गेहूं के खेत के इर्द गिर्द पिंजरा और जाल बिछा दी।
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उसके बाद टीम पूरी रात तेंदुए को पकड़ने के लिए काॅम्बिंग की, लेकिन शनिवार सुबह तक टीम को तेंदुआ नहीं मिला। बताया जा रहा है कि तेंदुआ गेहूं के खेत से निकलकर कहीं चला गया है। ग्रामीण सुनील, राजू, दिलीप, गोविंद आदि ने बातचीत में बताया कि शुक्रवार की सुबह आबादी से महज कुछ ही दूरी पर गेहूं के खेत में शिकार की तलाश में दो तेदुएं घात लगाकर बैठे थे।
इसी बीच केले के खेत में सिंचाई करने जा रहे किशोर पर तेंदुए ने हमला कर दिया था, शोर सुनकर पहुंचे तीन अन्य लोगों को भी लहूलुहान कर दिया था। उसके बाद ग्रामीणों की भीड़ देख एक तेंदुआ भाग निकला। जबकि दूसरा फिर से गेहूं के खेत में छिप गया।
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इन लोगों ने आगे कहा कि उसके बाद ग्रामीण गेहूं के फसल को चारों तरफ से लाठी-डंडों के साथ घेर लिए। इसी बीच हमलावर तेंदुए को पकड़ने के लिए मौके पर पहुंची टीम ड्रोन कैमरे से ढूंढ पिंजरा लगाने के साथ ही जाल बिछा दी।
इस दौरान प्रशासनिक जिम्मेदारों की गाड़ियां आधी रात तक गांव में पहुंच हूटर बजाती रहीं। इतना ही नहीं संयुक्त टीम के कर्मी कांबिंग भी करते रहे, लेकिन टीम को तेंदुआ नहीं मिला। वही तेंदुए के आतंक से ग्रामीणों की पूरी रात डर में गुजरी।
शनिवार सुबह पता चला कि तेंदुआ गेहूं के खेत से निकलकर कही चला गया है। क्योंकि लाठी-डंडा लेकर पूरे क्षेत्र का चप्पा-चप्पा खंगाला गया, लेकिन तेंदुए का पता नहीं चला। हालांकि खेत के उत्तर बॉर्डर से सटे बलुई मिट्टी पर तेंदुए का पदचिह्न देखने को मिला है। निचलौल वन क्षेत्राधिकारी सुनील राव ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए पूरी रात गांव में रुककर काफी प्रयास किया गया, लेकिन तेंदुआ रात में जाल और पिंजरे की ओर न आकर जंगल की ओर लौट गया।
सीमावर्ती गांव के लोगों को सचेत किया गया है कि अकेले जंगल की तरफ न जाएं। अगर कहीं तेंदुआ दिखे तो खुद को सुरक्षित करते हुए उसको जाने का रास्ता दें। शनिवार को तेदुएं को ढूंढने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन पदचिह्न के अलावा कुछ नहीं मिला है।
तेंदुए की दहशत से रतजगा करने को विवश हुए ग्रामीण : ग्रामीण पूर्णवासी, विपत, लालू आदि ने बताया कि शुक्रवार की सुबह तेंदुए का आतंक देख लोग पूरी रात लोग सो नहीं पाए। वन कर्मियों के साथ ही गांव में लोग अपने घरों में छतों पर लाठी-डंडा, टार्च लेकर रातभर जागते रहे।
समूह बनाकर जगह-जगह अलाव जलाकर गांव की सुरक्षा की निगरानी करते रहे। ग्रामीणों को गांव में सुरक्षित करने के बाद वन विभाग के जिम्मेदार गांव के बाहर सड़कों व गांव में आधी रात तक हूटर बजाते रहे, लेकिन तेंदुआ कहीं दिखा नहीं।
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