समाधान दिवस में प्राप्त हुए 104 मामलों में से मात्र 11 का हो सका निपटारा, 93 फरियादी तारीख लेकर लौटे
सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच खाली मिली कुर्सी तो नपेंगे जिम्मेदार : डीएम
नौतनवा। साहब! हम सभी नगर स्थित सुभाष नगर वार्ड में एक स्थान पर झोपड़ी डालकर रह रहे थे लेकिन विगत दिनों कुछ लोगों के प्रभाव में आकर प्रशासन ने हमें वहां से उजाड़ दिया और अब हम बच्चों के साथ इधर-उधर सड़क पर गुजर-बसर कर रहे हैं लेकिन हमारी कोई सुनने वाला नहीं है। यह कहना था स्थानीय निवासी बत्तीसी, आशा, कुब्चर, निशा और संगीता का।
ये महिलाएं शनिवार को तहसील सभागार में आयोजित जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में फरियाद सुनने आए डीएम संतोष कुमार शर्मा एवं एएसपी सिद्धार्थ को अपनी समस्या सुना रही थीं। उन्होंने शिकायती पत्र देकर कहा कि 40 वर्षों से वह लोग जमीदार की जमीन पर झोपड़ी और टिनशेड डालकर रहते थे। आरोप है कि कुछ दिनों पूर्व पुलिस ने उनपर दबाव बनाकर उन्हें वहां से उजाड़ दिया। डीएम ने समस्या सुनने के बाद कड़ी नाराजगी व्यक्त की और मामले में कोई स्पष्ट आदेश होने तक उन्हें वहां से न हटाने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस के दौरान 104 मामले दर्ज हुए लेकिन महज 11 मामलों का ही निस्तारण हो सका। डीएम संतोष कुमार शर्मा ने मातहतों को निर्देशित करते हुए कहा कि सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक जनसुनवाई की समयावधि में समस्त जिम्मेदार अपने कार्यालय में ही उपस्थित रहें। इसके प्रति लापरवाही सामने आने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिम्मेदारों को समाधान दिवस में आए मामलों का एक सप्ताह के अंदर और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के आधार पर निस्तारण करने तथा आपसी विभागीय समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ, एसडीएम नवीन प्रसाद, तहसीलदार कर्ण सिंह, प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नवनाथ प्रसाद, प्रभागीय वनाधिकारी निरंजन सुर्वे, डीडीओ बीएन कन्नौजिया, उपनिदेशक कृषि संजीव कुमार, सहायक अभियंता लघु सिंचाई नवीन सहगल, जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह, एआर कापरेटिव सुनील गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धि पाण्डेय, डीएसओ एपी सिंह मौजूद रहे।