महराजगंज। स्कूली बसों के संचालन में सुरक्षा मानक का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अनफिट बसें बच्चों को स्कूल ले जा रही हैं। इनसे कभी भी हादसे हो सकते हैं। शुक्रवार को शहर में जांच के दौरान हकीकत सामने आ गई। जांच हुई तो बगैर फिटनेस और फस्ट एड बाक्स के स्कूल बस संचालित मिलीं।
इसके बाद पांच बसों का चालान करते हुए 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। प्रभारी यातायात अरूणेंद्र प्रताप सिंह ने टीम के साथ महराजगंज शहर क्षेत्र में लोगों को यातायात जागरूकता के नियमों के बारे में जागरूक किया। इस बीच स्कूल, कॉलेज के छात्र और छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूली वाहनों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए निर्देशित किया गया।
प्रभारी यातायात अरूणेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि स्कूली बसों में सेफ्टी मेजर गैस किट और फर्स्ट एड बॉक्स की जांच हुई। वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने के लिए निर्देशित किया गया। सही गैस किट और पर्याप्त मात्रा में फर्स्ट एड बॉक्स लेकर चलने के लिए निर्देशित किया गया और स्कूल में चलने वाली बसों का फिटनेस बीमा और डीएल आदि की जांच हुई।
गड़बड़ी मिलने पर वाहनों का चालान किया गया। जिले में करीब 932 स्कूल बसों का संचालन होता है। इसमें करीब 40 से 50 अनफिट बस होगी। शिवनगर की प्रीति कहती हैं कि स्कूल संचालकों को सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। जांच होने पर ही पता चलता है। जिम्मेदारों को गंभीरता बरतनी चाहिए।
विस्मिल नगर के राकेश कहते हैं कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता रहती है। स्कूल में वाहन का शुल्क जमा किया जाता है। ऐसे में स्कूल संचालकों की जिम्मेदारी है की सुरक्षा को लेकर गंभीर रहें।