सिसवा बाजार। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से पुरस्कार प्राप्त करने के बाद सांची शनिवार को अपने गृह नगर पहुंचीं। सबसे पहले उन्होंने श्री श्याम मंदिर में मत्था टेका, जहां पर सिसवा नगरवासियों ने पटाखे फोड़ कर उनका स्वागत किया।
सांची की प्रतिभा पर सिर्फ जनपद ही नहीं, बल्कि पूरा राष्ट्र गौरवान्वित महसूस कर रहा है। सिसवां कस्बे के चंद्रगुप्त नगर मोहल्ला निवासी मोहित अग्रवाल की आठ वर्षीय बिटिया सांची (परी) की प्रतिभा ऐसी है कि जितनी उम्र है उससे कहीं अधिक पुरस्कार उनके नाम है। उन्हें प्राचीन भारतीय शास्त्रीय नृत्य भारत नाट्यम व कत्थक का इतना ज्ञान है कि बड़े-बड़े उनके सामने नहीं टिक सकते।
यह प्रतिभा उन्हें प्रशिक्षण से नहीं बल्कि स्वत : ही आई, जिसका आश्चर्य सभी को है कि इतनी कम उम्र में बिना किसी प्रशिक्षण के यह कैसे संभव हुआ। सांची की मां स्तुति अग्रवाल इंजीनियर होकर भी गृहणी हैं, जिनकी परवरिश का नतीजा है कि उनकी बिटिया में एक साथ कई प्रतिभा विद्यमान हैं।
वह इसी उम्र में ताइक्वांडो की उम्दा खिलाड़ी हैं जिन्हें ब्लैक बेल्ट मिलने वाला है। बाक्सिंग में राज्यस्तर पर स्वर्ण पदक मिला है। संस्कृत श्लोक उनकी जुबान पर रहता है। 60 सेकेंड में 80 चक्कर घूमने का रिकॉर्ड इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में है, जो नृत्य उन्हें आते हैं उसकी उत्पत्ति भी वह बताते हुए नहीं हिचकतीं उन्हें पता है कि कत्थक लखनऊ घराने का तो भारत नाट्यम तमिलनाडु से बढ़ा।
इस दौरान संतोष अग्रवाल, मोहित अग्रवाल, विजय अग्रवाल, रजनीश केडिया, संदीप सोनी, कृष्णा अग्रवाल, गोविंद माैजूद रहे।