फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: स्विट्जरलैंड में सनातन धर्म की संस्कृति का गुणगान कर रहे संत यान शैलाऊफ

विज्ञापन
विज्ञापन
स्विट्जरलैंड से धार्मिक यात्रा पर आए यान शैलाऊफ ने नौतनवा पहुंच मां बनैलिया का किया दर्शन
विज्ञापन

मानवता को तरजीह, प्राकृतिक धरोहर से प्रेम, भक्ति भावना और आत्मिक संतुष्टि ने सनातनी रंग में ढाला
नौतनवा। नगर स्थित मां बनैलिया मंदिर में दर्शन को पहुंचे यान शैलाऊफ सनातन धर्म से प्रेरित होकर पिछले 35 वर्षों से अपने मूल राष्ट्र स्विट्जरलैंड में भी सनातन धर्म की संस्कृति और सभ्यता का गुणगान कर रहे हैं। भारत में करीब छह माह की धार्मिक यात्रा पर आए संत यान शैलाऊफ और उनके साथी संत अंचल तिवारी निवासी उत्तराखंड रविवार को नेपाल की यात्रा पर जाने के दौरान नौतनवा पहुंचे।
संत अंचल तिवारी ने बताया कि स्विट्जरलैंड के रहने वाले यान शैलाऊफ से उनकी मुलाकात पिछले वर्ष प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान हुई थी। इस बार वह आठ जनवरी को भारत यात्रा पर आए तो उन्होंने संपर्क किया। स्विट्जरलैंड निवासी संत यान शैलाऊफ ने बताया कि वह इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं। वर्ष 1992 से ही भारत में आते-जाते हैं। इस बार यह उनकी पांचवीं भारत यात्रा है। इससे पहले वह 1992 के बाद सन 1995, 1996 और हाल ही में वर्ष 2025 में महाकुंभ स्नान के लिए भी आए थे। उन्होंने बताया कि इस बार 8 जनवरी 2026 को दिल्ली में आए। 19 जनवरी को प्रयागराज माघ मेला में स्नान किया।
विज्ञापन

इसके बाद 15 दिनों की यात्रा पर दोनों संत ठेला चलाकर गंगा किनारे होते हुए लाक्षागृह, सीतामढ़ी, बाबा बदेवर नाथ, विंध्याचल, काशी समेत विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पहुंच दर्शन प्राप्त किए। यहां से नेपाल के लिए बस से अपने यात्रा की शुरुआत की और रविवार को नौतनवा बनैलिया मंदिर दर्शन को पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह स्विट्जरलैंड में भी वर्षों से संत की वेशभूषा में ही रहते हैं।
विज्ञापन

भारत में लगातार आवागमन और सनातन धर्म में मानवता को तरजीह, प्राकृतिक धरोहर से प्रेम, भक्ति भावना और आत्मिक संतुष्टि से धीरे-धीरे सनातन के प्रति आस्था बढ़ने लगी। धार्मिक रहन-सहन, इस धर्म में धरा, धरोहर, जानवर, पक्षी, पानी, फल, पेड़, पौधे सभी की पूजा और लगाव ने समय के साथ उन्हें भी इसी में ढाल लिया। उन्होंने बताया कि स्विट्जरलैंड में रहकर वह जनसेवा के साथ ही लोगों को सनातन धर्म की संस्कृति और सभ्यता के बारे में भी बताते हैं। संत यान शैलाऊफ एवं अंचल तिवारी ने बताया कि दोनों लोग नौतनवा से सोनौली के रास्ते नेपाल में प्रवेश करेंगे। वहां धार्मिक स्थलों का दर्शन प्राप्त करने के बाद वापस भारत आएंगे। यहां से यान शैलाऊफ अपने वतन लौट जाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें