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25 हजार खर्च कर रोहिंग्या पहुंच रहे नेपाल

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नेपाल के पनोती जिले के कुशादेवी में बनाया गया रोहंगिया शिविर। - फोटो : MAHARAJGANJ
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25 हजार खर्च कर रोहिंग्या पहुंच रहे नेपाल
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बांग्लादेश वाया भारत से नेपाल पहुंचा रहे सक्रिय गिरोह, दो रोहिंग्या मुसलमानों के पकड़े जाने पर हुआ खुलासा
महराजगंज। भारत सरकार ने रोहिंग्या मुसलमानों का भारत में प्रवेश पर रोक लगाए हुए है। फिर भी रोहिंग्या 25 हजार रुपये भारतीय खर्च कर एजेंटों के माध्यम से भारत होते हुए नेपाल पहुंच रहे हैं। यह भारत की सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर विषय है। नेपाल खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट के बाद भारत-नेपाल सीमा बिहार में चौकसी बरती जा रही है। बीते बृहस्पतिवार को अंसार मोहम्मद और हुसैन हामिद रोहिंग्या को काठमांडू में नेपाल की खुफिया एजेंसियों ने पकड़ा तो कलई खुल गई। इन दोनों ने पूछताछ में खुलासा किया कि 25 हजार भारतीय रुपये खर्च करने पर नेपाल में एजेंट सुरक्षित पहुंचा देते हैं।
नेपाल खुफिया एजेंसी के मुताबिक पकड़े गए दोनों व्यक्ति नामदर्ता (नेपाल में रहने का प्रमाण पत्र बनवाना) कराने काठमांडू में संबंधित कार्यालय में पहुंचे थे। यहीं से दोनों को पकड़ा गया। सात महीने से काठमांडू के बूढ़ा नीलकंठ नगरपालिका 11 के पास राम मंदिर के निकट अवैध रूप से रह रहे हैं।
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अंसार मोहम्मद और हामिद ने नेपाल में संयुक्त राष्ट्र संघ काठमांडू कार्यालय में शरणार्थी की पहचान की मांग को लेकर निवेदन भी किया है, लेकिन अभी तक नामदर्ता नहीं हुआ है। नेपाल पुलिस के अनुसार काठमांडू राममंदिर के पास 171 और काभरे जिले के पनोती मे 378 रोहिंग्या रह रहे हैं। रोहिंग्या को नेपाल लाने के लिए बांग्लादेश, भारत और नेपाल में एक सक्रिय गिरोह है, जो 25 हजार प्रति व्यक्ति की दर से रकम लेकर बांग्लादेश से भारत और फिर नेपाल पहुंचा देते हैं। नेपाल के गृह सचिव प्रेम राई ने कहा नेपाल में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या पर निगरानी तेज कर दी गई है, रोहिंग्या ज्यादातर बांग्लादेश से बिहार के किसनगंज होते हुए भारत नेपाल की सीमा जोगबनी से नेपाल में प्रवेश कर रहे हैं।
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इस संबंध में सोनौली एसएसबी के प्रभारी कंपनी कमांडर अंकित अग्रवाल ने बताया कि भारतीय सीमा में जवान चौबीस घंटे गश्त कर रहे हैं। पूरी तरह से जांच पड़ताल के बाद ही नेपाल में आने जाने दिया जाता है।
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