जिम्मेदारों ने विवादित बताकर ठुकरा दिया वरासत का 27 आवेदन
माता-पिता की मौत के बाद आश्रितों ने नाम करनी होती है जायजाद, आवेदक परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। तहसील क्षेत्र में वरासत दर्ज करने के लिए चले अभियान को जिम्मेदार राजस्व कर्मियों ने ही फेल कर दिया है, तहसील क्षेत्र में अभी 27 आवेदक ऐसे हैं, जो अभियान समाप्त होने के बाद भी वरासत दर्ज कराने के लिए तहसील का चक्कर काटने को विवश हैं। जिम्मेदारों ने इन आवेदनों को विवादित एवं साक्ष्य न होने का कारण बताकर निरस्त कर दिए।
क्षेत्र के बजही निवासी विंद्रेश कुशवाहा ने कहा कि अभियान के तहत मृतकों के स्थान पर उनके आश्रितों के नाम अंकित करने की व्यवस्था है, लेकिन राजस्व कर्मियों की लापरवाही के चलते नाम अंकित नहीं हो सका।
वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद मिश्रा ने कहा कि जिन लोगों ने वरासत के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। उनमें से अधिकांश आवेदन को जिम्मेदारों ने विवादित बताकर निरस्त कर दिया गया है। ऑनलाइन आवेदन करने वाले 27 आवेदक अभी भी तहसील का चक्कर लगाने को विवश हैं। यह तो ऑनलाइन करने वाले आवेदकों की वास्तविक संख्या है, जबकि अधिकांश लोग ऐसे हैं। जिन्होंने ऑनलाइन आवेदन ही नहीं किया है।
अधिवक्ता सरजू पांडेय ने कहा कि अब वरासत जैसे ही कार्य लेखपालों के पास बचे हुए हैं। सामान्य मामलों को भी विवादित बताकर वरासत करने से कतराते हैं, हालांकि राजस्व विभाग के जिम्मेदारों का दावा है कि 29 अक्तूबर वर्ष 2018 से अब तक 6,511 मामले आए हैं। तहसीलदार अरविंद कुमार का कहना है कि वरासत के वही मामले लंबित हैं। जिनमें विवाद है या फिर जिस आवेदन में साक्ष्य की कमी है। जल्द ही ऐसे सभी मामलों का भी निस्तारण कर दिया जाएगा।