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13 वर्ष बाद भारत की झोली में स्वर्ण पदक आने से खिलाड़ी गदगद

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राजकीय स्पोर्ट्स स्टेडियम में खुशी मनाते खिलाड़ी। - फोटो : MAHARAJGANJ
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13 वर्ष बाद भारत की झोली में स्वर्ण पदक आने से खिलाड़ी गदगद
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महराजगंज। टोक्यो ओलंपिक में 13 साल बाद स्वर्ण पदक मिलने पर जिले में खिलाड़ियो नें खुशी जाहिर की। उनका मनोबल बढ़ा और वह भी बेहतर करने का संकल्प लिए। शनिवार की शाम को राजकीय स्पोर्ट्स स्टेडिम में खिलाडियों ने इकठ्ठा होकर खुशी जाहिर की। सभी ने कहा कि पदक मिलना खुशी की बात है, कुश्ती, भाला फेक में बेहतर प्रदर्शन से खिलाड़ियों का मनोबल काफी बढ़ा है।
उप क्रीड़धिकारी धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए उनको हर संभव सुविधा दी जा रही है। 13 साल बाद ओलंपिक में स्वर्ण पदक मिला है। यह गौरव की बात है। खिलाडियों का मनोबल काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि स्टेडिम में अभ्यास करने वाले खिलडियों को जैसे ही स्वर्ण पदक मिलने की जानकारी हुई तो सभी खुशी से झूम उठे। सबसे खुशियों का इजहार करते हुए भविष्य में बेहतर करने का संकल्प लिया।
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महराजगंज ताइक्वांडो एसोसिएशन के सचिव अभिषेक विश्वकर्मा ने कहा कि स्वर्ण पद मिलने की खुशी को बयां करने के लिए शब्द भी कम पड जाएंगे। यह देश के लिए गौरव की बात है। खिलाडियों ने ओलंपिक के इतिहास में एक बार फिर स्वर्णिम अक्षरों में नाम लिखवा दिया।
खिलाड़ी अजय कुमार ने कहा कि स्वर्ण पदक के मिलने से देश मे खेल व खिलाड़ियों दोनों की स्थिति में सुधार आने की संभावना है। खिलाड़ियों ने पदक जीतकर यह साबित कर दिया है कि उन्हें भी अच्छी सुविधा मुहैया कराया जाए तो वह भी विदेश के खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर देंगे। पदक जीतना खेल के लिए सुखद संकेत है। भविष्य में इसके बेहतर परिणाम दिखेंगे। खिलाडी विशाल, अजीत, मुकेश, रिजवान, फरहान ने कहा कि पदक जीतने वाले खिलाड़ियों से प्रेरणा लेकर जिले का नाम रोशन करने का प्रयास किया जाएगा।
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जिला एथलेटिक्स संघ महराजगंज के महासचिव अमित कुमार तिवारी ने कहा कि देश ने पहली बार ओलम्पिक में एथलेटिक्स के जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीता है। इस उपलब्धि को सदियां याद रखेंगी। खिलाड़ियो ने देश को अपनी प्रतिभा से गौरवान्वित किया है। वहीं विश्व को भारतीय भुजाओं की ताकत का अहसास भी कराया है! एथलेटिक्स के स्वर्णिम दिन के शुरआत की आधारशिला नीरज चोपड़ा ने रख दी है।
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