घुघली। क्षेत्र के पकड़ियार-बिशुनपुर और कोटिया गांव के बगीचे में शावकों की चहलकदमी से गांव के लोग दहशत में हैं। चर्चा है कि दिन में छोटी गंडक नदी के किनारे रहते हैं। रात में कोटियां, पकड़ियार-बिशुनपुर, नारायण टोला, मेदनीपुर की सड़कों पर घूमते हैं।
ग्रामीणों ने कहा की रात को तेंदुआ अपने शावकों के साथ घूमता है। शनिवार की रात पकड़ियार बिशुनपुर गांव के गुड्डू तिवारी कुछ लोगों के साथ टहल रहे थे। इस बीच बगीचे के उस पार खेत के करीब ड्रेन के पुल के नीचे तेंदुए के दो दो शावक उछल कूद करते दिखे थे।
रास बिहारी ने कहा कि तेंदुए की आहट से डर लगा रहता है। वह पकड़ में नहीं आ रहा है। पिंजरा भी लगा था, लेकिन तेंदुए का कहीं पता नहीं चला। चंद्रिका यादव, धनंजय यादव ने बताया कि शाम को बगीचे से जाने वाला रास्ता बंद हो जाता है। 10 दिन पहने वन विभाग की टीम ने भानु यादव के मुर्गी फार्म पर एक पिंजरा लगाया था। तेंदुए के दहशत से खेती किसानी नहीं हो पा रही है। शाम होते ही लोग अपने घरों में कैद हो जा रहे हैं। बाहर निकलने से डर लग रहा है।
डिप्टी रेंजर कासिम अली ने बताया कि दो दिन पहले पकड़ियार गांव से फोन आया था। गंडक नदी के किनारे गांवों में तेंदुआ दिखने की बात लोग कह रहे थे। कोई सटीक लोकेशन मिल नहीं रहा है। लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है।