रिश्तेदारों के यहा गुजरी रात, सुबह घर लौटे
महराजगंज। बाढ़ का कहर फिलहाल कम नहीं हुआ है। नौतनवां क्षेत्र के सेमरहवां गांव के तीन टोले बरतानी, घटवा, चरईया बाढ़ से प्रभावित हैं। सेमरहवां खास में रविवार की रात अचानक बाढ़ का पानी घुसने अफरातरफरी मच गई थी। रात में ही एनडीआरएफ की टीम ने 14 लोगों को सुरक्षित निकाला था। ये लोग रिश्तेदारों के वहां रात गुजारने के बाद सोमवार सुबह जब नाव से गांव पहुंचे तो गांव से पानी निकल चुका था।
सेमरहवां खास, घटवा एवं बरतानी टोले से बाढ़ का पानी हट चुका है। हालांकि रामकिशुन, सुफिया, कोमल, महेंद्र, जितेंद्र, वनारसी का घर बाढ़ की भेंट चढ़ गया। ये लोग सिर छिपाने की व्यवस्था में सोमवार को दिनभर जुटे रहे। गांव से पानी हट गया है, लेकिन गांव के बाहर बाढ़ का पानी भरा है। घटवा टोले के हीरा यादव ने बताया कि बाढ़ का पानी भर जाने पर तमाम लोग रिश्तेदारों एवं शुभचिंतकों के घर चले गए थे। सोमवार सुबह पानी हटने पर सभी लोग घर आ गए।
रामानंद एवं जनार्दन ने कहा कि रात में स्थिति भयावह थी। गनीमत रही कि एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर बचाव राहत में जुट गई। सेमरहवां खास में रामकिशुन के घर के दीवार में दरार पड़ गया है। वह घर की सफाई करने में व्यस्त थे। स्वामीनाथ गिरे हुए खपरैल के मकान से लकड़ियों को निकाल रहे थे। बृजराज ने बताया कि गांव का सरकारी स्कूल कीचड़युक्त हो गया है। चरईया टोला चारों तरफ से पानी से घिरा है। गांव के अच्छेलाल, बुधिराम, सेवक, सुरजीत परिवार के साथ बंधे पर शरण लिए हैं। इन लोगों को प्रशासन की ओर से राहत सामग्री नहीं मिली है। गांव के लक्षन, झीनक, जनार्दन, कपिश, सोनमति, मंजू, नर्मदा, कौशिल्या नाव पर सवार होकर ऊंचे स्थान पर पहुंचे। इन लोगों ने बताया कि जरूरी सामान की खरीदारी के लिए अड्डाबाजार जा रहे हैं। लोगों ने बाढ़ से होने वाली दुश्वारियों को बयां किया। ग्राम प्रधान उपेंद्र यादव ने बताया कि गांव के अंदर से बाढ़ का पानी हट गया है। लोगों को जरूरत की सामग्री दी जा रही है।