महराजगंज पंचायत चुनाव के नतीजों से किसी को झटका लगा तो किसी को खुशी मिली है। कुछ सीटों पर मां-बेटा तो कहीं चाची-भतीजा ने प्रधान पद पर जीत हासिल की। नतीजे सामने के बाद विजयी प्रत्याशियों ने अपनी जीत जनता का समर्पित करने की बात कही। कहा कि लोकतंत्र में जनता जनार्दन ही सबकुछ है। अब लोगों की उम्मीद के मुताबिक गांव में विकास को गति दी जाएगी।
मिठौरा क्षेत्र में पहली बार एक ही परिवार की देवरानी और जेठान ने अलग-अलग ग्राम सभा से प्रधान पद का चुनाव जीता है। ग्राम सभा परसा चक गोबरही में व्यास मुनि पटेल की पत्नी इंदु देवी ने प्रतिद्वंदी कमालुद्दीन अंसारी को 46 मतों से हराकर ग्राम प्रधान बनीं। इंदु देवी कक्षा आठ तक पढ़ाई की हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा का सर्वांगीण विकास करना उनकी प्राथमिकता है।
उनकी जेठानी वंदना पटेल ने प्रतिद्वंद्वी राज कुमार पटेल को 146 मतों से पराजित कर ग्राम सभा हरिहरपुर के ग्राम प्रधान के पद पर कब्जा कर लिया। पति रघुनाथ पटेल शिक्षामित्र हैं। वंदना पटेल ग्रेजुएट हैं। उन्होंने 2010 में भी ग्राम सभा हरिहरपुर की ग्राम प्रधान रह चुकी हैं। उनका कहना है कि गांव के जनता के आशीर्वाद से जीत मिली है। गांव के विकास के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगी।
पति-पत्नी के इर्दगिर्द घूम रही पचमा की प्रधानी
मिठौरा ब्लॉक का एक ऐसा गांव है, जहां पति-पत्नी के इर्दगिर्द गांव की प्रधानी घूम रही है। मतदाताओं का आशीर्वाद हमेशा पति-पत्नी को मिलता रहा है। इससे दोनों ग्राम प्रधान की सीट पर कब्जा जमाए हुए हैं।
वर्ष 2010 में शबीबुन निशा ग्राम प्रधान चुनी गईं। इसके बाद वर्ष 2015 में इनके पति नसरूद्दीन ग्राम बने। वर्ष 2021 में फिर शबीबुन निशा प्रधान पद पर चुनी गई हैं। शबीबुन निशा ने ग्राम प्रधान के चुनाव में प्रतिद्वंद्वी आरती देवी को 46 मतों से पराजित किया है।
लक्ष्मीपुर ब्लॉक का एक गांव नईकोट हैं। यहां की प्रधान शारदा देवी बनी हैं। इनके बेटे किशुनदेव यादव मुडेहरा गांव के प्रधान बने हैं। मां-बेटे जीते मिलने पर खुश हैं। दोनों ने कहा कि जनता की उम्मीदों के अनुसार ही गांव का विकास होगा।
नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान शारदा देवी के पति रामसावर यादव भी नईकोट के पूर्व प्रधान हैं। उन्होंने ने बताया कि दोनों ग्राम पंचायत की जनता ने विश्वास करके विजय दिया है।
इसी तरह बरवाकला में पूनम सिंह ग्राम प्रधान चुनी गई हैं। चडलहा से इनके भतीजे संजय सिंह प्रधान चुने गए हैं। संजय सिंह की चाची पूनम सिंह हैं। अगल-अगल गांव में चाची एवं भतीजा ने जीत हासिल की है।