महराजगंज। मौसम का मिजाज बदल रहा है। इसका असर सेहत पर पड़ रहा है। हालात यह है कि जिला अस्पताल में नवजात शिशु देखभाल इकाई व संक्रामक रोग वार्ड में क्षमता से अधिक मरीज भर्ती हैं। एसएनसीयू वार्ड में 29 बेड पर 52 बच्चे तो संक्रामक रोग वार्ड में 26 बेड पर 36 मरीज भर्ती मिले।
वर्तमान में जिला अस्पताल के नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) और संक्रामक रोग वार्ड में मरीजों की संख्या क्षमता से अधिक हो गई है। इससे मरीजों को उचित देखभाल की व्यवस्था में कठिनाई हो रही है। वहीं संक्रामक रोग वार्ड में मरीज भरे हैं। डॉक्टरों के अनुसार ओपीडी में इन दिनों वायरल बुखार के काफी मरीज आ रहे हैं।
वायरल बुखार परिवार के किसी एक सदस्य के होने पर अन्य भी उसकी चपेट में आ जाते हैं। इससे मरीजों की संख्या बढ़ी है। सामान्य वार्ड में लगे बेड मरीजों से फुल हो गए हैं। डॉ. एवी त्रिपाठी ने बताया कि घर के आसपास जलभराव न होने दे। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। बुजुर्ग या किसी अन्य के बीमार होने पर उनके आसपास बच्चों को न जानें दे।
उधर, ओपीडी में सोमवार को मरीजों की भीड़ लगी रही। करीब 700 मरीज ओपीडी में आए। मुजहना गांव की गीता देवी ने बताया कि दवा लेने के लिए कतार में आधे घंटे तक खड़ा रहना पड़ा। इसी तरह से डॉक्टर से परामर्श लेने के दौरान भी लंबी कतार लगी रही। पैथोलॉजी में बाहर खड़े नरेंद्र मिश्रा ने बताया कि खून की जांच करानी है, लेकिन अब नहीं हो सकेगा। दूसरे दिन आकर जांच करानी पड़ेगी। एक्स-रे कक्ष के बाहर भी लोगों को परेशान होना पड़ा।
सीएमएस डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि अस्पताल में सभी मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। उपलब्ध संसाधनों में अच्छी सुविधा देने की कोशिश जारी है।