गनेशपुर से सगरहवा तक 15 किलोमीटर है महाव नाले की लंबाई
पिछले साल तटबंध में हुए कटान की अभी तक नहीं हो सकी है मरम्मत
परसामलिक। 15 जून मानसून आने की संभावनाओं के बीच अभी तक पिछले साल के महाव नाले के कटान नहीं भरे जा सके हैं। ऐसे में आसपास के ग्रामीणों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। स्थानीय लोगों ने नाले की सफाई और तटबंध के कटान भरने की मांग की है। यह नाला नेपाल सीमा से सटे बरगदवा और खैरहवां दूबे गांव के बीच से निकल कर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करता है।
महाव नाले में आने वाला पानी बरसात के सीजन में आसपास के क्षेत्रों को बाढ़ से प्रभावित करता है। वन विभाग वन क्षेत्र में महाव नाले के सिल्ट की सफाई पोकलेन मशीन से करवा रहा है। वहीं सिंचाई विभाग महाव नाला के तटबंध में पिछले साल हुई कटान को अभी तक नहीं भरा है। वन विभाग के अपने क्षेत्र में महाव नाले की सफाई करवा रहा है। ऐसे में लोगों को चिंता है कि नाले में पानी बढ़ने पर जब पानी तटबंध की ओर आएगा तो सफाई नहीं होने पर वह तटबंध को नुकसान पहुंचाएगा। इससे बाढ़ की खतरा बढ़ जाएगा।
जानकारी के अनुसार, नेपाल के पहाड़ी क्षेत्र से निकला महाव नाला बरसात के सीजन में भारतीय सीमा क्षेत्र में हर साल तबाही मचाता है। इस नाले की गनेशपुर से सगरहवा तक की लंबाई करीब 15 किलोमीटर है। वन क्षेत्र से पहले नाले की सिल्ट की सफाई नहीं कराए जाने से किसानों में तटबंध के टूटने की चिंता सताने लगी है।
महाव नाला के पूर्वी तटबंध के किनारे के चकड़ार, बरगदवा, देवघट्टी, हरखपुरा, शिकारगढ़, नारायनपुर, अमहवा, बेलहिया, गनेशपुर, नौडिहवा और पश्चिमी तटबंध के किनारे खैरहवा, दूबे, छितवनिया, कोहरगड्डी, दोगहरा, असुरैना, विशुनपुरा, पिपरहिया, सवनहवा, तरैनी, घोड़हिया, महरी, घोड़हवा इत्यादि गांव हैं। इन सभी गांवों के किसान महाव नाला की सिल्ट की सफाई नहीं होने से चिंतित हैं।
वन विभाग तो वन क्षेत्र में आने वाले महाव नाले की पोकलेन मशीन से सिल्ट की सफाई करवा रहा है। जबकि सिंचाई विभाग महाव नाले की सिल्ट सफाई को लेकर मूकदर्शक बना हुआ है। इसको लेकर नाले के किनारे के गांव के लोगों ने विभागीय अधिकारियों से तत्काल सफाई कराने की अपील की है।
वर्जन
महाव नाला की सफाई का कार्य विभाग तभी करा पाएगा, जब वन विभाग और पीडब्ल्यूडी विभाग अपना कार्य पूर्ण कर लेंगे। हम लोग इस दिशा में प्रयासरत हैं। जैसे ही यह दोनों विभाग अपना कार्य पूर्ण कर लेंगे, ग्रामीणों की समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा।
- जीतेंद्र कुमार पटेल, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग तृतीय खंड
मानसून सिर पर है। महाव नाले के सिल्ट की अभी तक सिंचाई विभाग ने सफाई नहीं कराई है। इससे बाढ़ की चिंता सताने लगी है।
-इंद्रभान यादव, असुरैना
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बरसात का सीजन करीब है। महाव नाला की सिल्ट सफाई नहीं होने से उन्हें फसल के सुरक्षा की चिंता सता रही है। अगर अबकी बार बाढ़ आई तो तबाही तय है। -दीपनरायन यादव, छितवनियां
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बरसात का समय करीब आने के बावजूद सिंचाई विभाग ने महाव नाला के सिल्ट की सफाई नहीं कराई है। इसको लेकर चिंता बनी हुई है।
- पवन दूबे, कोहरगड्डी