महराजगंज। मौसम का मिजाज फिर बदल गया है। भारतीय क्षेत्र में हल्की बारिश कहीं-कहीं हुई, लेकिन नेपाल में बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो गई है। महाव और प्यास नदी का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है। गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से दो मीटर नीचे है। सिंचाई विभाग बंधों की निगरानी कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, जिले की सीमा में बहने वाली नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। महाव नाला खतरे के निशान के ऊपर बह रहा है। वहीं प्यास नदी खतरे के निशान पर है। राहत की बात है कि गंडक नदी खतरे के निशान से दो मीटर नीचे बह रही है। नेपाल में पहाड़ों पर बारिश तेज हो गई तो गंडक फिर खतरे के निशान पर पहुंच सकती है। त्रिमुहानी भी खतरे के निशान से दो मीटर नीचे बह रही है।
नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए बंधों की निगरानी तेज कर दी गई। रात में भी सिंचाई विभाग के कर्मी कड़ी निगरानी कर रहे हैं। जर्दी डोमरा बंधे से लेकर जिले की सीमा में सभी बंधों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। दूसरी ओर बंधे के किनारे बसे गांव के लोग बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि हर बार बाढ़ से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। अभी राहत की बात है कि सब कुछ ठीक हालत में है। वहीं कंट्रोल रूम सक्रिय है।
अधिशासी अभियंता राजीव कपिल ने बताया कि बंधे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। 24 घंटे बंधों की निगरानी की जा रही है।
जिले में बहने वाली नदियों के जलस्तर पर नजर
नदी-खतरे का निशान-वर्तमान जलस्तर
प्यास-102.25102.00 मीटर
चंदन-101.5-100.10 मीटर
राप्ती-80.30-79.76 मीटर
महाव-5 फीट-6 फीट
रोहिन99.35 मीटर-96.50 मीटर
रोहिन भौराबारी-79 मीटर-77.35मीटर
रोहिन त्रिमुहानी-82.44 मीटर80.80 मीटर
गंडक-109.670 मीटर-107.808मीटर