महराजगंज। उमस भरी गर्मी में टपकते पसीने के साथ इलेक्ट्रोलाइट्स भी बाहर निकल रहा है। इसपर ध्यान न देने के कारण बीपी के मरीजों की दिक्कत बढ़ रही है और उन्हें लो बीपी की समस्या झेलनी पड़ रही है।
पुराने मरीजों के साथ युवाओं में भी यह समस्या देखी जा रही है। शुक्रवार को ओपीडी में लो बीपी के कारण 23 मरीज पहुंचे, जिनमें 13 नए थे जिन्हें पहले बीपी की दिक्कत नहीं थी। इनकी उम्र भी 30-35 वर्ष के बीच रही। पुराने रोगियों को जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने दवा दी वहीं पहली बार बीपी की शिकायत वाले लोगों को और खानपान ठीक करने और इलेट्राल पाउडर व ग्लूकोज सेवन की सलाह दी गई।
शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 813 मरीजों का उपचार किया गया। उमस भरा मौसम शुरू होने से बीपी रोगी भी मिलने लगे हैं। कुल 23 बीपी के मरीज पहुंचे जिनका जांच करवाने के बाद चिकित्सक डाॅ. वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि तेज धूप और उमस भरी गर्मी के कारण लोगों के शरीर से पसीना अधिक निकल रहा है। जब अधिक पसीना निकलता है तो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स भी निकलता है, जिसके कारण कमजोरी व थकान के कारण चक्कर की समस्या हो रही है।
इसमें पुराने रोगियों के साथ नये व युवा भी मिल हैं। पुराने बीपी रोगियों को नियमित दवा सेवन करने के साथ अधिक से अधिक मात्रा में पानी और ग्लूकोज पाउडर का उपयोग करने की सलाह दी गई। नए बीपी रोगियों को नारियल पानी का सेवन, धूप से बचने और शरीर को हाइड्रेट रखते हुए व्यायाम की सलाह दी गई।
दवा के रूप में उन्हें सिर्फ इलेक्ट्राल युक्त पानी पीने की सलाह व हल्का भोजन करने की हिदायत दी गई। सीएमएस डाॅ. एके द्विवेदी ने बताया कि मौसम के उतार चढ़ाव के कारण अधिक पसीना निकलने से शरीर के पोषक तत्व भी निकलते हैं। इसपर ध्यान न देने से लो बीपी की समस्या हो सकती है, इसलिए शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी जा रही है।