सोनौली। भारत नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर से रविवार की दोपहर भारतीय सेना के 334 जवान और अधिकारी नेपाल के लिए रवाना हुए हैं। यह जवान नेपाल सेना के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास सूर्य किरण में भाग लेंगे। यह अभ्यास 13 जनवरी तक नेपाल के सलझंडी में आयोजित किया गया है।
दोनों देशों में वैकल्पिक रूप से आयोजित यह एक वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इस अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिक सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करेंगे। द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास सूर्य किरण के 18वें संस्करण में भाग लेने के लिए 334 सदस्यीय भारतीय सेना की टुकड़ी रविवार को सोनौली सीमा से नेपाल रवाना हुई।
यह अभ्यास 31 दिसंबर से 13 जनवरी 2025 तक नेपाल के सलझंडी में नेपाली सेना की ओर से आयोजित किया गया है, जिसमें भारत और नेपाल की सेना संयुक्त अभ्यास करेगी। वार्षिक द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास सूर्य किरण की मेजबानी भारतीय सेना और नेपाली सेना की ओर से बारी-बारी की जाती है। सूर्य किरण सैन्य अभ्यास एक बटालियन स्तर का अभ्यास है।
सैन्य अभ्यास के 18वें संस्करण में 11वीं गोरखा राइफल्स रेजिमेंट की 334 सदस्यीय टीम हिस्सा ले रही है। टीम के सोनौली सीमा पर पहुंचने के बाद नेपाल आर्मी द्वारा स्वागत किया गया। द्विपक्षीय सैन्य अभ्यासों की तरह सूर्य किरण का उद्देश्य भी दोहरा है- दोनों देशों के सैन्य कर्मियों के बीच मजबूत संबंध स्थापित करना और उनके पेशेवर कौशल को निखारना है।
सूर्य किरण अभ्यास जंगल युद्ध और आतंकवाद विरोधी अभियानों में संयुक्त संचालन पर ध्यान केंद्रित करेगा। इस अभ्यास से परिचालन क्षमताओं और युद्ध कौशल को बढ़ाने, कठिन और चुनौतीपूर्ण सैन्य वातावरण में अन्य विदेशी बलों के साथ मिलकर काम करने का कौशल निखरेगा। कोतवाल अंकित कुमार सिंह के अनुसार गोरखा बटालियन की 334 सदस्यीय टीम नेपाल रवाना हो गई है।य