सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों में इजाफा
महराजगंज। मौसम में बदलाव से निमोनिया, सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी दोगुनी हो गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोज वायरल फीवर, निमोनिया के करीब 100 मरीज आ रहे हैं। अधिकतर बच्चे वायरल एवं निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में ओपीडी, दवा वितरण काउंटर, डॉक्टर कक्ष, सभी जगह मरीजों की भीड़ देखने को मिल रही है। भीड़ बढ़ने से इलाज कराने में परेशानी हो रही है।
जिला अस्पताल की ओपीडी से निजी अस्पतालों में प्रतिदिन काफी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन पहुंचने वाले मरीजों में अधिकांश सर्दी, जुकाम, बुखार, निमोनिया से पीड़ित होते हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 300 से 400 पर्चे बन रहे हैं। इनमें से रोगियों की तादाद 80 फीसदी से अधिक होती है। जबकि 20 फीसदी में दुर्घटना तथा अन्य कार्यों के लिए पर्चे बनाए जाते हैं। बच्चों में बुखार-जुकाम और निमोनिया अधिक देखने को मिल रहा है। बुधवार को ओपीडी में लोगों की कतार लगी रही। अस्पताल की पैथोलाजी में भी जांच कराने वालों की तादाद बढ़ी है। सीएमएस डॉ. एके राय ने बताया कि बुखार, जुकाम आदि के मरीज जिला अस्पताल में आ रहे हैं। उनका नियमित उपचार किया जा रहा है। लोगों को संचारी रोगों के प्रति सतर्कता बरतनी चाहिए।
बदलते मौसम में सबसे ज्यादा प्रभाव छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है। कमजोर इम्युनिटी के कारण बच्चों में निमोनिया के केस बढ़ रहे हैं। सामान्य खांसी, जुकाम के बाद बुखार आने पर दस्त शुरू हो जाता है। पसलियां चलने के साथ सांस लेने में परेशानी होने लगती है। इसलिए बदलते मौसम में खानपान व रहन-संबंधी सावधानी बरतना जरूरी है।
डॉ. आरपी राय, बाल रोग विशेषज्ञ,
ये बरतें सावधानी
बच्चों को जमीन पर नंगे पैर न घूमने दें, घर और आसपास स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें, नवजात और छोटे बच्चों को बोतल से दूध न पिलाएं, ठंडे फल, कोल्ड ड्रिंक व खट्टी-मीठी चीजों से दूर रखें।
नियमित टीकाकरण से 14674 बच्चे वंचित
महराजगंज। कोरोनारोधी टीकाकरण से वंचित लोगों तथा सर्दी, जुकाम, खांसी, सांस लेने में परेशानी, बुखार के साथ चकत्ते के लक्षण वाले व्यक्तियों को चिह्नित करने के लिए 16 सितंबर तक सर्विलांस अभियान चलाया गया था। इसके लिए 1200 टीम लगाई गई थी।
यह जानकारी देते हुए जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि टीम ने नियमित टीकाकरण से वंचित 5690 गर्भवती और 14674 बच्चों को चिह्नित किया है। जबकि कोरोनारोधी टीकाकरण से वंचित 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के करीब 1.20 लाख लोगों को चिह्नित किया गया। सर्दी, जुकाम व कम अवधि से खांसी के लक्षण वाले 2386 तथा सांस लेने में परेशानी के लक्षण वाले 71 लोग चिह्नित किए गए है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता व एएनएम नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों व गर्भवती की सूची तैयार कर टीकाकरण सत्र पर बुलाकर टीकाकरण कराएं। संवाद