मां लक्ष्मी, श्री गणेश के जयघोष के साथ प्रतिमाएं विसर्जित
महराजगंज। जिले में तमाम स्थानों पर स्थापित मां लक्ष्मी एवं श्री गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। गाजे-बाजे के साथ ट्रैक्टर ट्राली पर प्रतिमा रखकर युवा भक्ति गीतों पर थिरकते हुए नदी तट की ओर बढ़े। विधि विधान के साथ मां लक्ष्मी एवं श्री गणेश की प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। भक्ति गीतों पर थिरकते हुए युवाओं के जयघोष से वातावरण गूंजायमान हो उठा। सुरक्षा व्यवस्था में संबंधित थानों की पुलिस तैनात रही।
शहर में स्थापित मां लक्ष्मी एवं श्री गणेश की प्रतिमा एक साथ फरेंदा रोड से होकर त्रिमुहानी घाट के लिए निकली। एक-दूसरे पर अबीर-गुलाल फेंकते हुए युवाओं की टोली आगे बढ़ी। त्रिमुहानी घाट पर प्रतिमा विसर्जन के बाद सभी घर लौटे। श्रीश्री लक्ष्मी पूजा नवयुवक समिति के पदाधिकारियों ने राधे कृष्ण की झांकी निकाली।
मिठौरा प्रतिनिधि के अनुसार, सिंदुरिया थानाक्षेत्र में आने ग्राम सभाओं में स्थापित देवी लक्ष्मी, भगवान गणेश और कार्तिकेय की मूर्तियां जयकारे के साथ शांतिपूर्ण ढंग से देवरिया शाखा की नारायणी नहर में विसर्जित की र्गइं। ग्राम सभा मिठौरा, हरखोड़ा, जगदौर आदि ग्राम सभाओं की मूर्तियां जगदौर नहर स्थित फाटक के पास विसर्जित की गईं। वहीं सिंदुरिया, पिपरा कल्याण, सोनवल, हरिहरपुर, सिंदुरिया आदि ग्राम सभाओं में स्थापित मूर्तियों को हरिहरपुर स्थित नहर फाटक के पास विसर्जित किया गया।
सिसवा/कोठीभार प्रतिनिधि के अनुसार, नगर व क्षेत्र में स्थापित माता लक्ष्मी की प्रतिमाओं को शनिवार देर शाम बीजापार स्थित खेखड़ा नाले में विसर्जित कर दिया गया। श्रद्धालुओं ने मां लक्ष्मी की प्रतिमाओं को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सजा कर, रथ, पालकी व अखाड़ा जुलूस के साथ नगर के प्रमुख मार्गों से परिक्रमा कर खेखड़ा नाला में विसर्जित कर दिया। शनिवार को नगर व आसपास के गांव में स्थापित मां लक्ष्मी के प्रतिमाएं परंपरागत तरीके से सिसवा इस्टेट परिसर में एकत्र की गईं। इस्टेट परिवार के सदस्यों की ओर से पूजा के बाद प्रतिमाओं को पुलिस प्रशासन ने आगे बढ़ाया। नगर के प्रमुख मार्गों से भ्रमण कराते हुए देर शाम खेखड़ा नाले में सभी प्रतिमाएं विसर्जित कर दी गईं। जुलूस में समितियों की तरफ से अखाड़ों के युवाओं ने कला-कौशल का प्रदर्शन किया।
अड्डा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, पैसिया उर्फ कोनघुसरी, गजरहा, गजरही, बनवाटारी, परसौनीकला, चमैनिया उर्फ भेडही, चौतरवा की प्रतिमाएं डूडी नदी में विसर्जित र्हुइं। जमुहराकला, रामनगर, मिलन चौराहा, धोतियहवा की प्रतिमा रोहिन नदी में विसर्जित की र्गइं।
पुरंदरपुर प्रतिनिधि के अनुसार, थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में स्थापित लक्ष्मी मूर्तियों का विसर्जन शनिवार शाम को अमहवा घाट पर किया गया। इस दौरान झांकी भी निकाली गई। समरधीरा में श्री श्री महालक्ष्मी पूजा नव युवक समिति ने झांकी निकाली।
मूर्ति विसर्जन के दौरान बढ़ा तनाव
परतावल। श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के बड़हरा बरईपार गांव में मूर्ति विसर्जन के दौरान शुक्रवार को दो समुुदायों में झंडा लगाने के लिए विवाद हो गया। एक समुदाय के लोगों ने धार्मिक चबूतरे पर रंग गुलाल फेंकने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने माहौल शांत कराने के बाद प्रतिमा का विसर्जन कराया। इंस्पेक्टर आनंद कुमार गुप्ता ने बताया कि झंडा लगाने के लिए विवाद की आशंका थी। लेकिन मौके पर पहुंचकर झंडा उतरवा दिया गया है। गांव में शांति व्यवस्था कायम है। शांति पूर्ण ढंग से प्रतिमा विसर्जन हो गया। संवाद
सुरक्षा व्यवस्था रही चौकस
सिसवां कस्बे में जुलूस के दौरान एएसपी निवेश कटियार, सीओ निचलौल डीके उपाध्याय, एसडीएम सत्यप्रकाश मिश्र, छह इंस्पेक्टर,आठ एसओ, 26 सब इंस्पेक्टर, महिला व पुरुष कांस्टेबल के साथ दो प्लाटून पीएसी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रही।