महराजगंज। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिले में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। जिला अस्पताल में पहले से मौजूद संसाधनों को फिर से सक्रिय कर दिया गया है। सोनौली में भारत-नेपाल सीमा पर कोरोना जांच शिविर अभी नहीं लगी है। बस स्टेशन एवं रेलवे स्टेशन पर बाहर से आने वालों की जांच की तैयारी की जा रही है। वर्तमान में सीएचसी पर कोरोना की जांच की जा रही है।
पुरानी टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। प्रत्येक दिन 100 अधिक सैंपल की जांच की जा रही है। जिला महिला अस्पताल में 100 बेड का कोरोना वार्ड पहले से है। इसके अलावा चयनित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 30 से 60 बेड की व्यवस्था है। कोविड-19 हॉस्पिटल और सीएचसी पर ऑक्सीजन प्लांट के साथ ही ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध है। पूर्वाभ्यास के जरिए संसाधनों की क्षमता की परख की जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में कोरोना से बचाव की तैयारी की जा चुकी है। जिला अस्पताल में 550 लीटर प्रति मिनट की क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगा है। साथ ही एलटू-जिला महिला अस्पताल में 330 लीटर प्रति मिनट, सीएचसी परतावल में 250 लीटर प्रति मिनट, सीएचसी फरेंदा में 250 लीटर प्रति मिनट, सीएचसी घुघली में 300 लीटर प्रति मिनट, सीएचसी गोपाल में 250 लीटर प्रति मिनट की क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है। जिम्मेदारों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन के लिए परेशानी नहीं होगी।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. केपी सिंह ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट के अलावा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी अस्पतालों में उपलब्ध हैं। महिला अस्पताल में 100 बेड पर 100 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं। सीएचसी घुघली में 30 बेड में से 20 पर, सीएचसी गोपाला में 50 बेड में से 20 पर, सीएचसी नौतनवां में 40 बेड में से 20 पर, सीएचसी धानी में 60 बेड में से 20 पर, सीएचसी परतावल में 50 बेड में से 20 पर एवं सीएचसी फरेंदा में 30 बेड में से 20 पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं। इनमें सीएचसी परतावल और फरेंदा का जरूरत पड़ने पर कोविड अस्पताल के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी हैं। पूर्वाभ्यास कर संसाधनाें की कार्य क्षमता की परख की जा चुकी है।