आवास की चाबी पाकर खिले लाभार्थियों के चेहरे
महराजगंज। जिले के सभी ब्लॉकों में शनिवार को सुबह 11 बजे से कार्यक्रम आयोजित कर आवास योजना के लाभार्थियों को चाबी सौंपी गई। संबंधित क्षेत्र के विधायक या जन प्रतिनिधियों ने लाभार्थियों को चाबी सौंपकर सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। सरकार के कार्यों का बखान किया।
सदर ब्लॉक परिसर के मीटिंग हाल में सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया ने 51 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री आवास योजना की चाबी सौंपी। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का अच्छा खासा दाम और लाभ मिला है। 6000 रुपये किसान सम्मान निधि ने किसानों को सम्मान से जीने का अधिकार दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को छत देने का कार्य किया है। सदर ब्लॉक प्रमुख सोनी कश्यप ने कहा कि मोदी-योगी सरकार ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। इस अवसर पर सदर बीडीओ ओम प्रकाश गुप्ता, प्रद्युम्न प्रजापति आदि मौजूद रहे।
मिठौरा प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लॉक परिसर में ग्राम महेशपुर कबेलवा के सात लाभार्थियों को आवास की चाबी दी गई। ग्राम सचिव सतीश चतुर्वेदी ने बताया कि सत्र 2018-19 के प्रधानमंत्री आवास योजना की चाबी वितरित की गई। इस अवसर पर अमरेंद्र राज यादव, उमेश कुमार, अनुज कुमार, दिनेश कुमार आदि मौजूद रहे।
पनियरा प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लॉक सभागार में प्राक्कलन समिति के सभापति व पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ने 194 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र के साथ चाबी दी। ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार अब लाभार्थियों के खाते में सीधे धनराशि भेज रही है। इस दौरान खंड विकास अधिकारी डॉ. सुशांत सिंह, अजय सिंह, ग्राम प्रधान ब्रह्मानंद धारिया, रूपेश शर्मा, उमेश जायसवाल, महेंद्र नाथ आदि मौजूद रहे।
घुघली प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ओमप्रकाश ने लाभार्थी निर्मला देवी, रंभा, संगीता, विनोद, रीमा, पुष्पा, सबरुन्निशा, प्रियंका आदि को आवास की चाबी दी। बीडीओ अजय कुमार श्रीवास्तव, बालकेश्वर सिंह, सचिव विकाऊ प्रसाद आदि मौजूद रहे।
पीएमईजीपी के तहत महज 15 लाभार्थियों में वितरित हुआ ऋण
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। बेरोजगारों को रोजगार परक बनाने को लेकर शासन द्वारा भले ही विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है मगर बैंकों की ओर से रुचि न दिखाए जाने से उसका वास्तविक लाभ पात्रों को नही मिल पा रहा है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत विभिन्न बैंकों को कुल 139 फाइल भेजी गई है जिसमें से 15 को ही ऋण वितरित हो सका है।
जिले के नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगारों को आत्मनिर्भर बनाने को लेकर सरकार द्वारा नियमित रुप से प्रयास किया जाता है। उद्यम प्रोत्साहन केंद्र द्वारा बैंकों को फाइल प्रेषित कर दी जाती है, जिसके उपरांत बैंकों द्वारा उसकी स्वीकृति दी जाती है तथा लाभर्थियों में ऋण वितरित किया जाता है। अभी तक जिले के विभिन्न बैंकों द्वारा कुल 15 लोगों को ही ऋण वितरित किया जा सका है। जिससे योजना की सार्थकता पर सवाल खड़ा हो रहा है। मार्गदर्शी बैंक के मुख्य प्रबंधक सुशील सरोज ने बताया कि योजना के तहत अधिक से अधिक पात्रों को लाभान्वित किए जाने को लेकर प्रयास जारी है।
-------------
बैंकवार यह है स्थिति
बैंक ऑफ बड़ौदा ने दो के सापेक्ष एक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 12 के सापेक्ष एक, इंडियन बैंक ने 11 के सापेक्ष एक, ओवरसीज बैंक ने एक के सापेक्ष एक, पंजाब एंड सिंध बैंक ने तीन के सापेक्ष दो, पंजाब नेशनल बैंक ने 12 के सापेक्ष दो, पूर्वांचल ग्रामीण बैंक ने 36 के सापेक्ष एक तथा यूनियन बैंक ने 19 के सापेक्ष छह पात्रों में ऋण वितरित किया है। बैंक ऑफ इंडिया को छह, केनरा बैंक को दो, एचडीएफसी को एक फ़ाइल भेजी गई है मगर बैंक द्वारा अभी तक स्वीकृति नहीं दी गई है।