ज्ञानेंद्र की जीत का फासला घटा, जनाधार बढ़ा
- 2017 में 67,798 और इस बार 61,798 वोटों से जीते
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। पनियरा विधानसभा सीट से इस बार फिर से भाजपा की झोली में चली गई है। यहां खास बात यह है कि विधायक ज्ञानेंद्र सिंह को पिछली बार 67,798 मत के अंतर से जीत मिली थी, वहीं इस बार यह अंतर घटकर 61,798 हो गया है। हालांकि मत पाने का फसला बढ़ा है। इस बार ज्यादा लोगों ने इन पर भरोसा जताया है। वर्ष 2017 में 1,19,308 मत मिले थे, 2022 में यह बढ़कर 1,35,074 मत हो गया है। इस बार के चुनाव में उनको पिछले चुनाव के मुकाबले ज्यादा मत मिले हैं।
पनियरा विधानसभा की सीट पर इस बार सीएम योगी एवं मोदी का जादू चला है। यहां की जनता ने जाति धर्म से ऊपर उठकर विकास के मुद्दे पर मतदान किया है। मुफ्त राशन, आवास, रसोई गैस आदि मिलना, जीत की प्रमुख वजह मानी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यहां अल्पसंख्यक मत का बिखराव हो गया, जिससे सपा काफी पीछे रह गई। वर्ष 2017 में भाजपा के ज्ञानेंद्र सिंह को 1,19,308 मत मिले थे। जबकि बीएसपी के गणेश शंकर पांडेय को 51,817 मिले मत थे। वहीं कांग्रेस की तलत अजीज को 48,004 मिले थे।
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पांचवी बार विधायक चुने गए ज्ञानेंद्र
पनियरा विधानसभा से ज्ञानेंद्र सिंह पांचवीं बार विधायक चुने गए हैं। वह 1991, 1997, 2002, 2017 एवं 2022 में चुनाव जीते। उनको पांचवीं बार विधायक चुने जाने से समर्थक एवं कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। वर्ष 2017 में बसपा के उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे, जबकि इस बार के चुनाव में सपा दूसरे स्थान पर रही।