मिठौरा। ग्राम सभा सिंदुरिया में हजरत ताजुद्दीन बाबा का 30वां सालाना उर्स पाक मनाया गया। अकीदतमंदों ने मजार पर चादर चढ़ाकर अमन-चैन की दुआएं मांगी। जलसे के आयोजन में मुख्य अतिथि कमरुज्जमा ने कहा कि फज्र की अजान (सुबह का समय) होने पर घर के दरवाजों को खोल दिया करो और घर के सभी लोगो के साथ अल्लाह की इबादत में जुट जाओ। ऐसा करने से तुम्हारे घर में कभी भी किसी परेशानी में नहीं आएगी। मुसलमान होने की पहचान यही है सदा सत्य बोलो, कभी गलत का साथ न दो, किसी की बुराई मत करो।
हाजी मोहम्मद हुसैन निजामी ने कहा कि इस्लाम के रास्ते पर चलते हुए दूसरे की बहन -बेटियों की इज्जत किया करो। अल्लाह तुम्हारी बहन बेटियों की हिफाजत करेगा। हाजी मौलाना मोहम्मद हुसैन निजामी ने कहा कि बूढ़े माता-पिता की खिदमत(सेवा) किया करो। मां-बाप खुश हैं तो तुम्हारी किस्मत संवर जाएगी। कारी फिरोज ने गुनहगारो को बक्शीस का भरोसा कौन देता है, मेरे सरकार देते है सहारा कौन देता है। पढ़कर खूब वाहवाही लूटी। उसके बाद सरफराज आलम ने नात शरीफ रहमतो की ठंडक है, इस कदर मदीने में, शाम जैसी लगती है, दोपहर मदीने में, उसके बाद मौलामा खुर्शीद आलम ने जो सामने है मदीना तो देखता क्या है, यही काबे का काबा है सोचता क्या है। पढ़कर दर्शकों को झूमने के लिए विवश कर दिया। इस अवसर पर पूर्व ब्लाक प्रमुख राम हरख गुप्त, प्रेम सागर गुप्ता सदर अली रजा, सहाबुद्दीन ,निजामुद्दीन, दब्बीर हसन, समसुद्दीन अंसारी मौजूद रहे।