महराजगंज। जिले में शीघ्र ही मत्स्य आहार प्लांट लगाने को मंजूरी मिल सकती है। विभाग ने प्लांट देकर निर्माण, उत्पादन और बिक्री करने की व्यवस्था शुरू करने के लिए शासन को पत्र भेजा है। इसकी लागत पांच करोड़ रुपये बताते हुए प्रतिदिन 10 टन आहार उत्पादन का लक्ष्य भी दिखाया गया है। विभाग ने सरकारी भूमि भी इसके निर्माण के लिए मुहैया कराने की मांग की।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत जनपद के मत्स्य विभाग ने प्राक्कलन तैयार कराया है। प्राक्कलन में यह रिपोर्ट की गई है कि जिले में 1700 निजी भूमि पर पोखरे बनाकर लोग मत्स्य पालन कर रहे हैं। इसके अलावा इतनी ही संख्या में सरकारी पोखरों को पट्टे पर लेकर भी मत्स्य पालन किया जा रहा है। ऐसे 3400 मत्स्य पालक विभाग में पंजीकृत हैं। इससे अधिक की संख्या में बिना पंजीयन के भी मछली पालन व हेचरियां संचालित हो रही हैं। ऐसे में मछली पालक या तो निजी दुकानों से मत्स्य आहार की खरीद महंगे रेट पर करते हैं अथवा उन्हें विभाग में पैसा जमा करके गोरखपुर से मत्स्य आहार मंगाना पड़ता है। विभाग ने इससे निजात पाने व आय बढ़ाने के लिए बृजमनगंज के फुलमनहां में प्लांट के लिए सरकारी भूमि भी पता की है जो खाली है। अब मत्स्य विभाग इसे राजस्व विभाग की मदद से प्लांट के लिए प्राप्त करने की योजना बना रही है। इसके लिए शासन को पत्र भेजकर 10 टन आहार उत्पादन वाला प्लांट लगाने की अनुमति व 5 करोड़ रुपये जारी करने की मांग की है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत जिले आहार प्लांट लगाने के लिए अनुमति देने व भूमि उपलब्धता का आदेश देने की मांग की गई है। शासन को भेजे गए पत्र में यह भी दर्शाया गया है कि अनुमति मिलने पर विभाग अनुसूचित जाति/ जनजाति अथवा सामान्य वर्ग के आवेदकों की तलाश भी पूर्ण करेगा।
संजय कुमार, सहायक मत्स्य निदेशक