महराजगंज। जनपद में मत्स्य पालन से जुड़े किसान अब मखाने की खेती कर तरक्की की इबारत लिखेंगे। जनपद के उद्यान विभाग को पहली बार 20 हेक्टेयर में मखाने की खेती का लक्ष्य मिला है। विभाग मछली पालन से जुड़े किसानों से संपर्क कर प्रोत्साहित करने में जुटा है।
विभाग का कहना है कि मछली पालन और मखाने की खेती साथ करके किसान दोहरा लाभ अर्जित कर सकते हैं। इसके लिए अनुदान का प्रबंध भी किया गया है। जनपद में 3400 तालाबों में मछली पालन किया जाता है। इसमें 1700 निजी तालाब हैं। मछली उत्पादन तराई में मशहूर है।
अब यहां के किसान मखाना की खेती भी करेंगे। उद्यान विभाग की तरफ से एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत नवोन्मेषी कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत मखाना खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
पहली बार जिले में 10 हेक्टेयर में मखाना उगाने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए अनुदान की व्यवस्था भी की गई है। 40 हजार रुपये अनुदान प्रति हेक्टेयर की दर से दिया जा रहा है।
विभाग अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़कर उन्हें तरक्की का मौका देने में इन दिनों जुटा है और इच्छुक किसानों का पंजीकरण भी कर रहा है।