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Maharajganj News: व्यक्तिगत शौचालय के सत्यापन में फरेंदा अव्वल, निचलौल खराब

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- निर्मित व्यक्तिगत शौचालय के सत्यापन की स्थिति
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के द्वितीय चरण में निर्मित व्यक्तिगत शौचालय के सत्यापन में फरेंदा अव्वल रहा है। वहीं, निचलौल ब्लॉक की प्रगति सबसे खराब है। उसकी उपलब्धि 35 प्रतिशत से भी कम है, जिसकी वजह से उसे डी श्रेणी में रखा गया है। बेहतर सत्यापन कर बेहतर श्रेणी में सिर्फ फरेंदा ब्लॉक है।
जिले में इस वित्तीय वर्ष में कुल 56,390 व्यक्तिगत शौचालय निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसकी तुलना में अभी तक 40,126 शौचालयों के निर्माण व सत्यापन के कार्य को पूरा कराया जा सका है। अभी भी 16,264 शौचालयों का सत्यापन बाकी है। सत्यापन न होने से निर्माण की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पा रहा है। फरेंदा ब्लॉक में निर्मित शौचालयों में से 93 प्रतिशत से अधिक शौचालयों का सत्यापन पूरा हो गया है।
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लक्ष्य के सापेक्ष ब्लॉकवार सत्यापन की स्थिति
सदर ब्लॉक में 4641 की तुलना में 3640, मिठौरा में 4609 की तुलना में 3524, परतावल में 4070 की तुलना में 3551, निचलौल में 12259 की तुलना में 4268, नौतनवां में 3658 की तुलना में 3271, पनियरा में 4701 की तुलना में 3818, फरेंदा में 4647 की तुलना में 4344, बृजमनगंज में 3852 की तुलना में 3293, लक्ष्मीपुर में 3876 की तुलना में 2227, घुघली में 4709 की तुलना में 4053, सिसवा में 4363 की तुलना में 3337 व धानी में 1005 की तुलना में 800 शौचालयों का सत्यापन किया गया है।
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व्यक्तिगत शौचालय के सत्यापन में निचलौल ब्लॉक की रफ्तार सबसे सुस्त है। 11 ब्लॉकों के विभागीय कर्मी अपने सत्यापन की रफ्तार को बढ़ाएं, अन्यथा उनकी मुश्किलें बढ़ेंगी।
यावर अब्बास, जिला पंचायत राज अधिकारी
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