अधिकारियों के अनुसार शौचालय खुलने का समय सुबह चार बजे से आठ बजे तक और शाम को पांच से आठ तक
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। पनियरा क्षेत्र के गांवों में बने सामुदायिक शौचालयों में ताला लटक रहा है। इन शौचालयों के निर्माण में लाखों खर्च हुए, लेकिन इनका गांवों में कोई उपयोग नहीं हो रहा है। विभाग का दावा है कि ग्राम पंचायतों में शौचालय पूर्ण हैं और संचालन के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को हैंडओवर कर दिया गया है। सामुदायिक शौचालयों की पड़ताल में दावे हवा-हवाई साबित हुए। अधिकारियों के अनुसार शौचालय खुलने का समय सुबह चार बजे से आठ बजे तक और शाम को पांच से आठ तक है। पनियरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत धनखरी में बने सामुदायिक शौचालय में ताला बंद मिला। थोड़ी दूरी पर सीमेंट बालू की दुकान पर ट्रक से बालू उतार रहे मजदूर मोतीलाल ने बताया कि शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है। शौचालय में तो हमेशा ताला बंद रहता है। ग्राम पंचायत गिरगिटिया प्राथमिक विद्यालय स्कूल के बगल में बने सामुदायिक शौचालय में ताला बंद था। आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है और शौचालय स्थिति बदहाल है।
गांव के रमाशंकर गौड़ ने बताया कि सामुदायिक शौचालय के बगल में एक मंदिर है जहां पर दर्जनों की संख्या में प्रतिदिन पूजा अर्चना के लिए पहुंचते हैं, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण रोजाना शौचालय में ताला लटका रहता है। लोग मजबूर होकर खुले में शौच के लिए जाते है। ग्राम पंचायत रामनगर में बने सामुदायिक शौचालय का हाल भी ऐसा ही दिखा। शौचालय में ताला लटका हुआ मिला। गांव की कौशल्या देवी ने बताया कि शौचालय को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को हैंडओवर करने की बात तो कही जा रही है, लेकिन यह अक्सर बंद ही रहता है।
सामुदायिक शौचालय सुबह चार बजे से आठ बजे तक और शाम को पांच से आठ तक खुलने का समय का निर्धारित है। इस समय के बीच में अगर कहीं लापरवाही हो रही है ताे जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
अमरनाथ पांडेय, खंड विकास अधिकारी, पनियरा