ताकतवर इंसान बनने की सनक ने रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के कथित एजेंट राहिल परवेज को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। बृहस्पतिवार को पूरे दिन एटीएस, आईबी, एसओजी, एसआईओ, एसएसबी, एलआईयू, पुलिस एवं सर्विलांस सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां की पूछताछ में राहिल की निजी परेशानियों के अलावा यह बात निकलकर सामने आई कि उसने फर्जी आईडी को असली बताकर न सिर्फ उसका भरपूर लाभ लिया, बल्कि एक लोक सेवक का बनावटी रूप धारण कर उसका गलत उपयोग भी किया।
इस पूरे मामले में राहिल परवेज को सुरक्षा एजेंसियों ने दोषी मानते हुए कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया। एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार राहिल परवेज निवासी अशोक विहार कॉलोनी, थाना सारनाथ जनपद वाराणसी के खिलाफ लोक सेवक का बनावटी रूप धारण कर गलत काम करने, फर्जीवाड़ा, कूटरचित दस्तावेज के आधार पर अनैतिक कार्यों को करने एवं आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर चालान कर दिया गया।
रॉ की फर्जी आईडी को बनाया था ढ़ाल
मैरिज हाउस से हिरासत में लिए गए राहिल के फर्जी रॉ एजेंट बनने और नकली बंदूक रखने के पीछे एक बड़ी ही दिलचस्प कहानी है। सुरक्षा एजेंसियों की हुई पूछताछ की सूत्र के आधार पर बताएं तो बीते वर्ष के अगस्त माह में पुत्र समेत पत्नी के किसी दूसरे व्यक्ति के साथ फरार हो जाने के बाद राहिल परवेज के सिर पर खून सवार था। इसी दौरान हाल ही में 3-4 माह पूर्व बिजनेस के सिलसिले के दौरान उनकी मुलाकात एक तलाकशुदा लड़की से होती है और दोनों में बातचीत शुरू हो जाती है। उसे प्रभावित करने के साथ ही पत्नी और बच्चे को दूसरे देश नेपाल में तलाश के लिए भी राहिल ने रॉ की फर्जी आईडी और नकली बंदूक को ढाल बनाया था और अपने काम में लगा हुआ था।