बलहीखोर में जेई पोजिटिव केश मिलने के बाद निरीक्षण करते सीएमओ डॉ.श्रीकांत शुक्ला,डिप्टी सीएमओ डॉ
निचलौल। ब्लॉक क्षेत्र के बलहीखोर गांव के टोला चमकनपुर में जापानी इंसेफेलाइटिस ने दस्तक दे दी है। इस बस्ती के चार साल के एक बच्चे में जेई के लक्षण देखने को मिले हैं। ऐसे में यहां जापानी बुखार से हड़कंप मच गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार जेई को लेकर अब सतर्कता बरतने में जुट गए हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि निचलौल ब्लॉक के बलहीखोर गांव के चमकनपुर टोला निवासी अखिलेश के बेटी तन्नू (4) को बुखार हुआ था। एक सितंबर को तन्नू की जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में तन्नू जेई पॉजिटिव मिली। उन्होंने आगे कहा कि जेई खासकर बच्चों के लिए काफी घातक बीमारी है। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मियों को सतर्क रहने के लिए निर्देशित किया गया है। क्योंकि जापानी इंसेफेलाइटिस मच्छर के काटने से होने वाला एक दुर्लभ संक्रमण है। यह एक तरह का दिमागी बुखार है जो वायरल संक्रमण की वजह से होता है। ऐसे में स्वास्थ्य शिविर लगाकर 15 वर्ष तक के बच्चों के टीकाकरण की स्थिति की जांच की गई। इसके अलावा, गांव में बुखार से पीड़ित मरीजों की स्क्रीनिंग, ब्लड स्लाइड संग्रह और लोगों को जेई और बुखार के प्रति जागरूक करने का कार्य किया गया। जहां जेई संक्रमित बच्ची मिली है उस बस्ती की आबादी लगभग 350 है। ऐसे में आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम की ओर से घर-घर पहुंचकर बुखार के मरीजों की खोज की जा रही है।
वहीं डिप्टी सीएमओ डॉ. केपी सिंह ने कहा कि फिलहाल जापानी बुखार से पीड़ित तन्नू को जिला अस्पताल के डीसीएच में भर्ती कराया गया है।
लगाया गया स्वास्थ्य शिविर: शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची और स्वास्थ्य शिविर लगाया। इस दौरान टीम बस्ती में रहने वाले लोगों की जांच करने के साथ ही उन्हें जेई के प्रति बचाव के लिए जागरूक किया।