महराजगंज। जिले के सभी सीएचसी पर जल्द ही खून में संक्रमण और बैक्टीरिया का पता लगाने के लिए अत्याधुनिक ऑटोमेटेड ब्लड कल्चर सिस्टम लगेगा। इस सिस्टम के जरिए न केवल खून में मौजूद बैक्टीरिया की पहचान आसानी से हो सकेगी, बल्कि यह भी पता चल सकेगा कि कौन सी एंटीबायोटिक दवा उस बैक्टीरिया पर प्रभावी होगी। नई सुविधा से मरीजों को सटीक उपचार मिलेगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में कुल 17 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 40 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। वर्तमान में ब्लॉक स्तर के सीएचसी पर प्रतिदिन 400 से 600 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं, जिनमें से 150 से 200 मरीज गंभीर बीमारियों से पीड़ित होते हैं। वहीं, प्रत्येक पीएचसी पर 150 से 200 मरीज इलाज के लिए आते हैं।
इन मरीजों की बेहतर जांच और उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी को आधुनिक जांच मशीनों से कराने की कार्ययोजना तैयार करने में जुटा है। यह सिस्टम खून में बैक्टीरिया के कारण होने वाले संक्रमण की सटीक जानकारी देगा। कई बार मरीजों को बुखार जैसी समस्या होती है, लेकिन सामान्य दवाएं प्रभावी नहीं होती है। ऐसी स्थिति में ऑटोमेटेड ब्लड कल्चर सिस्टम की जांच रिपोर्ट चिकित्सकों को यह समझने में मदद करेगी की कौन सा बैक्टीरिया संक्रमण का कारण है और उसका इलाज किस एंटीबायोटिक से संभव है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि ऑटोमेटेड ब्लड कल्चर सिस्टम के शुरू होने से न केवल मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा, बल्कि चिकित्सकों को भी सटीक निदान में मदद मिलेगी। यह सुविधा शुरू होने के बाद जिले के सभी सीएचसी पर मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उन्नत जांच सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उन्हें बड़े अस्पतालों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।