सिंदुरिया महराजगंज मार्ग पर रामपुर मीर के पास सड़क पर उड़ती धूल।
महराजगंज। ठूठीबारी हाईवे रामपुरमीर के पास धूल के गुबार से राहगीरों को आवागमन मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोग भी धूल के कारण परेशान हो गए हैं। क्षेत्र में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 152 तक पहुंच गया है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसे स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से थोड़े खराब स्तर का माना जाता है। पराली जलाने और निर्माण कार्य से उठ रहा धूल का गुबार लोगों को बीमार बना रहा है। रास्ते पर अधिक धूल के कारण राहगीरों को मास्क लगाना पड़ रहा है।
अत्यधिक धूल की वजह से लोग खांसी और एलर्जी के मरीज बन रहे हैं। अस्पतालों की ओपीडी में इस तरह के मरीजों संख्या करीब 20 फीसदी तक बढ़ गई है। महराजगंज शहर से ठूठीबारी नेपाल बार्डर तक हाईवे निर्माणाधीन है। जगह-जगह निर्माण होने के कारण वाहनों की आवाजाही के बीच धूल के गुबार उठ रहे हैं। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। रविवार को शहर से आगे बढ़ने पर सड़क निर्माण कार्य जारी मिला। रामपुरमीर गांव के पास पहुंचने पर घने धूल की गुबार के कारण दम घुटने लगा। तेजी से ट्रक आगे बढ़ा तो उड़ती हुई धूल से बाइक से गुजर रहे लोग कुछ देर के लिए परेशान हो गए।
फार्मा कंपनी में काम करने वाले देवेंद्र बाइक रोककर हेलमेट साफ करने लगे। उन्होंने बताया कि इस रूट से नियमित यात्रा करनी पड़ती है। सड़क पर पानी नहीं गिराए जाने से समस्या हो रही है। आंखों में जलन होती है। दो दिन पहले डॉक्टर को दिखाना पड़ा, फिलहाल राहत है। पास से गुजरे रहे राजेंद्र वर्मा ने बताया कि कार से जाने वालों को कोई दिक्कत नहीं है लेकिन साइकिल और बाइक सवारों को काफी परेशानी होती है। कभी-कभी तो धूल के गुबार से सामने कुछ दिखता ही नहीं है। 60 वार्षीय जितई ने बताया कि गाड़ी आने-जाने के दौरान दम घुटने लगता है। चार दिन पहले जिला अस्पताल जाकर इलाज कराना पड़ा।
वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि कार्यदायी संस्था को लोगों के हित का जरा भी ध्यान नहीं है। इस रूट से नियमित यात्रा करने वाले या तो सांस की समस्या से पीड़ित हो रहे हैं या उन्हें आंखों में परेशानी हो रही है। सड़क बन जाने के बाद ही यह समस्या दूर होगी।
जिला अस्पताल के डॉ. अनिल कुमार कहते हैं कि लगातार धूल व वाहनों के प्रदूषण के चलते मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लोगों को अधिक सावधान रहने की जरूरत है। धूल से बचने का उपाय करना होगा। ओपीडी में हर दिन ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है जिन्हें धूल व धुएं की वजह से दिक्कत हो रही है।