महराजगंज। ठंड़ बढ़ने से सेहत के साथ फसल भी प्रभावित हो रही है। इन दिनों ठंड का प्रभाव बढ़ा है। घर से बाहर निकलने में समस्या हो रही है। खेतों में लहलहा रही फैसल भी प्रभावित हो रही है। खुद को फिट रखने के अलावा फसलों को सुरक्षित रखने में परेशानी हो रही है। विशेषज्ञों ने लोगों को इससे सावधान रहने के लिए सुझाव दिया है। अधिकतम तापमान 21 डिग्री तो न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। लोग बुखार, बदन दर्द, सर्दी खांसी की चपेट में आ रहे हैं। इस समय लोगों को सचेत रहने की जरूरत है। बचाव के लिए बच्चों से लेकर बुजुर्गों को सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर इसमें लापरवाही होती है तो बीमार पड़ सकते हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. एवी त्रिपाठी का कहना है कि ठंड में सांस, हृदय, ब्लड प्रेशर, शुगर आदि बीमारी के मरीजों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे लोगों को सर्दी से बचाव करना चाहिए। गर्म कपड़े पहनकर रखें। सुबह शाम गुनगुना पानी पीए।
कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर गोंडा के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामलखन सिंह फसल सिर्फ ठंड बढ़ने से खराब नहीं होते हैं। उन्हें पाला पड़ने से नुकसान होता है। पाला तब पड़ता है, जब मौसम का तापमान बेहद कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में पौधों की कोशिकाएं फट जाती हैं, और पत्तियां झुलस जाती हैं। ऐसे में फसलों को ठंडी से बचाने के लिए उनमें नियमित रूप से सिंचाई करें। फसलों की नियमित देखरेख करें और पाले के शुरुआती लक्षणों को पहचान करते हुए जरूरत की दवाओं का छिड़काव करें।