भिटौली। सदर तहसील क्षेत्र के लक्ष्मीपुर देउरवा में नवरात्र के अवसर पर आदर्श रामलीला समिति तिनहवा द्वारा भगवान रामजन्म का जीवंत मंचन किया गया। जीवंत मंचन देख श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। राजा दशरथ को पुत्र नहीं होने पर उन्होंने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ किया।
यज्ञ के बाद राजा दशरथ ने प्रसाद अपनी तीनों पत्नियों कौशल्या, सुमित्रा, और कैकेयी को दिया।प्रसाद ग्रहण करने के बाद कौशल्या गर्भवती हो गई। और चैत्र शुक्ल नवमी को श्रीराम का जन्म हुआ। श्रीराम का जन्म अयोध्या में हुआ था। श्रीराम का वर्ण नीला था। चेहरा तेजस्वी और बहुत ही आकर्षक था।
श्रीराम को भगवान विष्णु का सातवां अवतार माना जाता है। उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम के नाम से भी जाना जाता है। धरती पर मर्यादा का संदेश देने के लिए भगवान राम ने जन्म लिया था । आदर्श रामलीला समिति तिनहवा में राम का किरदार निभा रहे शैलेंद्र सिंह ने बताया कि यह रामलीला समिति 20 वर्ष पहले से बनी थी।