निचलौल। थाना क्षेत्र के खम्हौरा गांव में मंगलवार को एक सीआरपीएफ जवान का शव आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस और सीआरपीएफ जवानों की मौजूदगी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार नारायणी नदी के भैसहा घाट पर किया गया।
अभय प्रताप सिंह (45) सीआरपीएफ में कांस्टेबल के पद पर नियुक्त हुए थे। अभय प्रताप सिंह अपने चाचा गिरजाशंकर सिंह के लड़के की शादी में बीते 22 अप्रैल को आए थे। 28 अप्रैल को ड्यूटी पर लौट गए थे। अभय प्रताप सिंह सोमवार को ड्यूटी से लखनऊ हेड ऑफिस ट्रेन से आ रहे थे। लखनऊ के पास उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर को हुई तो उन्होंने कर्मचारियों की मदद से लखनऊ स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने अभय प्रताप को मृत घोषित कर दिया। उसके बाद जवान के शव को सीआरपीएफ हेड ऑफिस लाया गया। जहां पर सीआरपीएफ के जवान पूरी प्रकिया के साथ शव को लेकर घर के लिए रवाना हो गए। वही मंगलवार सुबह जवान का शव आते ही परिजनों में चीख पुकार मच गई।
थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह ने कहा की जवान के शव का अंतिम संस्कार नारायणी नदी के भैसहा घाट पर पूरी प्रकिया के साथ कर दिया गया है।
सुबह सात बजे पत्नी से हुई थी बात
अभय प्रताप सिंह की सोमवार सुबह ट्रेन में ही पत्नी रंजना सिंह से बात हुई थी। इस दौरान इन्होंने घर की हालचाल के साथ ही बेटा अनुराग प्रताप सिंह (20) और बेटी अनुपमा सिंह (18) के पढ़ाई लिखाई की पत्नी से जानकारी ली। फिर उन्होंने छुट्टी मिलने के बाद जल्द ही घर आने की बात कही थी, लेकिन पत्नी रंजना को क्या पता की जवान पति से यही अंतिम बात होनी है। जवान की पत्नी रंजना देवी मृत पति अभय प्रताप सिंह कई बातों को याद कर सीने में दर्द दबाकर पूरे दिन सिसकती रही।