महराजगंज। सशक्त समाज और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका है। महिलाएं खुद स्वस्थ रहेंगी तभी अपने परिवार को सेहतमंद रख सकेंगी। 100 बीमारियों की एक दवा स्वच्छता है। ग्रामीण महिलाएं जानकारी के अभाव में सेहत के प्रति बेपरवाह रहती हैं। ऐसे आयोजनों से उनमें जागरूकता आएगी, जिससे स्वस्थ समाज की संकल्पना साकार होगी।
ये बातें जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. केपी सिंह ने कही। वह मंगलवार को सदर सीएचसी सभागार में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता मुहिम के तहत आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को खानपान की सावधानियां, दिनचर्या, व्यायाम, छात्राओं को सही डॉयट, जच्चा-बच्चा की देखभाल, शिशु कल्याण आदि की जानकारी दी।
स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी श्रीभागवत सिंह ने कहा कि महिलाओं को जरूरी जांच कराते रहना चाहिए, ताकि कमी मिलने पर उसका उपचार कराया जा सके। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग आवश्यक है। महिलाओं को तमाम ऐसी बीमारियां होती हैं, जिनका योग से निदान संभव है।
डॉ. रोमा गुप्ता ने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही से समस्या हो सकती है। दिनचर्या सही होनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से महिला स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए तमाम कार्य किए जा रहे हैं। काउंसलर सरोज सिंह ने रक्त की कमी का दूर करने का उपाय बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी बीमारी को छिपाने के बजाए, समय पर उसका उपचार कराना जरूरी है। कार्यक्रम 50 महिलाएं शामिल हुई। इस दौरान अनिता शर्मा, सरिता पटेल, सुमन गौंड़, रीता देवी, रेनू विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।