महराजगंज जिले के सोहगीबरवा गांव से सटे सिवान में बुधवार की सुबह सात बजे टहलने निकलने कुछ लोगों की नजर एक शीशम की पेड़ के डाली में लगे फंदे से लटकते शव पर पड़ा। जिसकी सूचना उन लोगों ने वापस गांव में लौट अन्य ग्रामीणों को दी। वही सूचना पाकर घटनास्थल पर लोगों को भीड़ जुट। इसी बीच इसकी जानकारी किसी ने पुलिस को दी।
जानकारी पाकर तत्काल मौके पर पहुंची पुलिस शव को पेड़ से नीचे उतरवाकर पहचान कराने में जुट गई। कुछ ही देर बाद शव की पहचान मजदूर राजेश पटेल (38) निवासी शिकारपुर गांव के बाबू टोला के रूप में हुई। मजदूर की मौत के सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
घटनास्थल पर पहुंचे मृत मजदूर राजेश पटेल (38) के बड़े बेटे दयाल (15) ने बताया कि पिता मंगलवार की देर शाम को भोजन करने से पहले बगैर किसी से कुछ जानकारी दिए ही अचानक घर से निकल गए। जिनकी देर रात तक काफी खोजबीन की गई, लेकिन उनका कहीं भी पता नहीं चल सका।
इसी बीच बुधवार की सुबह लोगों से सोहगीबरवा गांव के सिवान में एक शीशम के पेड़ की डाली से लटकते शव मिलने की जानकारी मिली। घटना के बाद मृत राजेश की पत्नी नगावती और पांच बच्चें दयाल, बुलट, गोविंद, धनंजय और संजीव का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।
सोहगीबरवा थाना प्रभारी देवेंद्र लाल का कहना है कि प्रथम दृष्टियता आत्महत्या का लग रहा है, क्योंकि पूछताछ में पता चला है कि मृत राजेश पारिवारिक कलह को लेकर काफी दिनों से परेशान चल रहा था। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।