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वो आए और हौसले की ‘गठरी’ थमा गए, अब लड़ लेंगे बाढ़ से
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संजय कुमार पांडेय
महराजगंज। जिले में नदियां उफान पर हैं। बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। किसी ने छत पर शरण ले रखा है तो को घर छोड़कर कहीं और ठिकाना तलाशना पड़ा है। जिन गांवों से बाढ़ का पानी उतर गया है वहां भी समस्याएं मुंह बाए खड़ी हैं। घरों में कीचड़ भर गया है। अंदर रखे अनाज खराब हो गए हैं। अब आगे समय कैसे कटेगा, यह सबसे बड़ी चिंता है। बाढ़ आई है और चली भी जाएगी, लेकिन समस्याएं महीनों तक सताती रहेंगी। इन सबके बीच, सीएम का हमारे बीच आना और हमारे कंधे पर हाथ रखा हालचाल पूछना, हमारी हिम्मत बढ़ा गया। हम हौसले के दम पर बाढ़ और उससे पैदा हुई परेशानियों का मुकाबला कर लेंगे। ये बातें शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों राहत सामग्री प्राप्त करने वाली दुर्गावती ने कही। अन्य लाभार्थियों के विचार भी कुछ ऐसे ही रहे।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को बृजमनगंज क्षेत्र के जीएस पब्लिक स्कूल शाहाबाद में बाढ़ पीड़ितों की परेशानी जानी और राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने जिस अपनेपन से पीड़ितों से दुख-दर्द बांटा वह लोगों के दिल को सुकून पहुंचा गया। कार्यक्रम में जिनके चेहरे पर चिंता की लकीरें दिख रही थीं, सीएम से मिलने के बाद वे हंसते-मुस्कुराते नजर आए। सभी के चेहरे पर एक निश्चिंतता दिखी, जैसे कह रहे हो, जब सीएम हमारे साथ हैं तो हमें चिंता करने की क्या जरूरत है।
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राहत सामग्री लेने के बाद हाताबेला हरैया की रहने वाली भागवती देवी ने कहा कि सरकार की ओर से मिली सामग्री ने बहुत राहत पहुंचाई है। अब कुछ दिन भोजन की समस्या नहीं होगी। सहजनवां बाबू की तारा देवी ने कहा कि इस समय राहत सामग्री की बहुत जरूरत थी। सही समय पर सरकार की ओर से मदद मिली है। अब बच्चे भूखे नहीं रहेंगे। सीएम विपरीत हालात में हमारे पास तक पहुंचे, हमारे लिए यह सौभाग्य ककी बात है।
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सहजनवां बाबू की अनुराधा ने कहा कि बाढ़ की वजह से घर में रखा राशन खराब हो गया था। कल चूल्हा जलेगा या नहीं, यह चिंता सता रही थी। ऐसे में सीएम के हाथों से राहत सामग्री मिलना, काफी सुकून दे रहा है। मोहनगढ़ की रहने वाली यशोदा देवी ने कहा कि सीएम ने बुरे वक्त में हमारी मदद की है। इससे हमें जो राहत मिली है उसे व्यक्त करने के लिए हमारे पास शब्द नहीं हैं।
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